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Bihar : खजाना खाली... खबर के बाद बैकफुट पर सरकार; वित्त विभाग का पत्र निरस्त, होली के नाम पर भुगतान का रास्ता

Sun, 01 Mar 2026 08:52 AM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Krishan Ballabh Narayan Updated Sun, 01 Mar 2026 08:52 AM IST
सार

Bihar : बजट सत्र के दौरान राजद ने बिहार सरकार के खजाना होने की बात कही थी। इस चर्चा को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब सरकार बैकफूट पर है। वजह भी जानिए।

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जारी नया पत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार विधान सभा में बजट सत्र के दौरान इस बात की खूब चर्चा हुई थी कि सरकार का खजाना खाली हो गया है। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद बिहार सरकार ने इस पर संज्ञान लिया और फिर सरकार ने इस खबर के प्रकाशित होने के बाद बैकफुट पर लौट आई। आज बिहार सरकार ने अपने पुराने पत्र को निरस्त करते हुए फिर एक संशोधित पत्र जारी किया है। 

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जानिए क्या लिखा है पत्र में 
पत्रमें लिखा है कि, "वित्तीय वर्ष की समाप्ति के क्रम में अंतिम माह में कोषागारों में काफी संख्या में विपत्र प्रस्तुत किये जाते है, जिनमें अद्यतन आकस्मिक विपत्र एवं स्कीम से संबंधित विपत्र के साथ-साथ पूर्व के दावा से संबंधित बकाया विपत्र आदि भी सम्मिलित होते है। इस कारण वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में जैसे कि, फरवरी एवं मार्च में कोषागार में विपत्रों की सम्यक जाँच एवं उसे पारित करने में कठिनाईयाँ होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पत्रांक-1354 के तहत 06 फरवरी को निधि निकासी एवं व्यय नियंत्रण की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गये थे। दरअसल यह वित्तीय अनुशासन बनाये रखने के लिए ऐसा आदेश जारी किया गया था।
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जारी किए गए पत्र में आगे लिखा है कि, "कोषागारों में वेतन एवं पेंशन के अतिरिक्त अन्य विपत्रों के निस्तारण को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वस्तुतः पत्रांक-2182 का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर वेतन एवं पेंशन भुगतान को सुगम बनाना था। अतः वर्तमान संशय की स्थिति को समाप्त करने हेतु विभागीय पत्रांक-2182 अब 27 फरवरी को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।"

विपक्ष ने क्या लगाए थे आरोप?
 राजद नेता और एमएलसी सुनील सिंह ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया था कि बिहार सरकार का खजाना पूरी तरह से खाली हो गया है। जनता का सारा पैसा सरकार ने लुटा दिया। सरकार केवल केवल झांसा और जुमलेबाजी देकर खुद को चलाने की कोशिश कर रही है। बिहार की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई है। अब तो वित्त विभाग की ओर से भी लेटर जारी किया है। इतना ही नहीं राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने भी कहा था कि सरकार को बताना चाहिए कि जनता का पैसा कहां गया? कहां इतनी राशि खर्च कर दी गई जो ऐसा कदम सरकार की उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है। CAG रिपोर्ट पेश होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है। बिहार सरकार के हर विभाग और योजना में भ्रष्टाचार है। नीतीश सरकार ने ₹72,000 करोड़ का घोटाला कर दिया पर इतनी बड़ी राशि का कहीं अता पता नहीं है।

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