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पांचवा चरण तय करेगा किसे मिलेगा बिहार का तख्त

Thu, 05 Nov 2015 11:23 AM IST
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:23 AM IST
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Bihar: fifth phase election

बिहार में विधानसभा चुनावों का अंतिम दौर का मतदान बुधवार को होगा। इसी के साथ ही प्रत्याशियों का भाग्य 8 नवंबर तक के लिए ईवीएम में कैद हो जाएगा।

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लेकिन चुनाव का यह अंतिम चरण सबसे महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है क्योंकि सबसे ज्यादा सीटों पर इसी चरण में चुनाव होना है और इस चरण में बढ़त लेने वाला पटना के तख्त का सबसे बड़ा दावेदार होगा।
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इसकी एक बड़ी वजह ये भी है कि शुरूआती दो चरणों में जहां महागठबंधन को बढ़त मिलने की उम्मीद जताई जा रही है तो अंतिम दोनों चरणों में राजग की वापसी की बात की जा रही है।

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भाजपा और जेडीयू के पास हैं सबसे अधिक सीटें

Bihar: fifth phase election

खास बात ये है कि इसी महत्वपूर्ण चरण में राजग और महागठबंधन का खेल बिगाड़ने के लिए ओवैसी और पप्पू यादव जैसे बड़े खिलाड़ी तैयार बैठे हैं तो तारिक अनवर की एनसीपी और समाजवादी पार्टी भी यहां मजबूती से ताल ठोके खड़ी है।

57 सीटों वाले इस चरण में हालांकि सबसे ज्यादा 23 सीटें भाजपा के पास ही हैं लेकिन उसके लिए यहां लड़ाई इतनी आसान नहीं है। पूर्व में भाजपा के साथ मिलकर लड़ने वाले जेडीयू के पास इस चरण में 20 सीटें हैं।

इसके अलावा राजद के पास आठ और कांग्रेस के पास यहां तीन सीटें हैं। मुस्लिम और यादव बहुल इस इलाके में बड़ा दावेदार तो महागठबंधन को ही कहा जा रहा है लेकिन पप्पू यादव और ओवैसी उसके लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।

दोनों गठबंधनों के सामने पप्पू यादव और ओवैसी बड़ी चुनौती

Bihar: fifth phase election

पप्पू यादव ने यहां 57 में से 46 सीटों पर अपनी जनाधिकार पार्टी के उम्‍मीदवार उतारे हैं तो ओवैसी ने मुस्लिम बहुल छह सीटों पर अपने उम्‍मीदवार खड़े कर रखे हैं। इसके अलावा एनसीपी ने भी 12 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारे हुए हैं।

पांचवे चरण के जिन नौ जिलों मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा व दरभंगा जिलों मतदान होना है उनमें चार जिलों में महागठबंधन तो तीन जिलों में राजग का दबदबा माना जा रहा है।

सहरसा और मधेपुरा ऐसे जिले हैं जहां पप्पू यादव का जलवा आज भी कायम है, तो किशनगंज में ओवैसी की मौजूदगी सभी के लिए चिंता का सबब बन गई है।

भाजपा के राजग और नीतीश लालू के महागठबंधन दोनों ही दलों को पटना की गद्दी तक पहुंचने के लिए पांचवे चरण के किले को भेदना जरूरी हो गया है।

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