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Bihar: किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान, फार्मर रजिस्ट्री अभियान शुरू; विजय सिन्हा बोले- खत्म होंगे भूमि विवाद
Tue, 12 May 2026 09:16 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 09:16 PM IST
सार
Bihar News: बिहार में 12 मई से फार्मर रजिस्ट्री अभियान शुरू हो गया है। कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि फार्मर आईडी से किसानों को डिजिटल पहचान मिलेगी और भूमि विवाद कम होंगे। सरकार का लक्ष्य 1.80 करोड़ किसानों का पंजीकरण करना है।
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कृषि मंत्री विजय सिन्हा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार सरकार ने किसानों को डिजिटल पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंगलवार से फार्मर रजिस्ट्री विशेष अभियान की शुरुआत कर दी। 12 मई से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान का शुभारंभ कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना स्थित मीठापुर कृषि भवन में किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के साथ-साथ भूमि विवाद खत्म करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम के दौरान पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों की फार्मर आईडी बनाकर अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। कृषि मंत्री ने पांच किसानों- लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार को फार्मर आईडी प्रदान की।
‘सरकार और किसानों के बीच बनेगा सीधा संबंध’
कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि यह अभियान बिहार के किसानों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के 1 करोड़ 80 लाख किसानों का लक्ष्य पूरा होने के बाद भूमि विवाद काफी हद तक समाप्त हो जाएंगे और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सरकार और किसानों के बीच सीधा संबंध स्थापित करेगी। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
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अब तक 47 लाख किसानों की बनी फार्मर आईडी
राज्य में वर्तमान में 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदी कायम है। कृषि विभाग के अनुसार अब तक 88 लाख 40 हजार किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है, जिनमें 47 लाख 85 हजार किसानों की फार्मर आईडी बनाई गई है। शेष 40 लाख 54 हजार किसानों की आईडी तैयार की जानी है। कृषि मंत्री ने कहा कि पहले चरण में बिहार ने 47 लाख 85 हजार किसानों का सफल पंजीकरण कर देशभर में मिसाल पेश की है।
ये भी पढ़ें- Bihar Police : पहली पत्नी को धोखा देने वाले दरोगाओं की खैर नहीं, बिहार डीजीपी ने कहा- जाएगी नौकरी
मुख्य सचिव बोले- किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
समारोह में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में मिलेगी और जमीन से संबंधित परिमार्जन की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों की फार्मर आईडी बनाकर अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। कृषि मंत्री ने पांच किसानों- लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार को फार्मर आईडी प्रदान की।
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‘सरकार और किसानों के बीच बनेगा सीधा संबंध’
कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि यह अभियान बिहार के किसानों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के 1 करोड़ 80 लाख किसानों का लक्ष्य पूरा होने के बाद भूमि विवाद काफी हद तक समाप्त हो जाएंगे और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सरकार और किसानों के बीच सीधा संबंध स्थापित करेगी। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
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अब तक 47 लाख किसानों की बनी फार्मर आईडी
राज्य में वर्तमान में 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदी कायम है। कृषि विभाग के अनुसार अब तक 88 लाख 40 हजार किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है, जिनमें 47 लाख 85 हजार किसानों की फार्मर आईडी बनाई गई है। शेष 40 लाख 54 हजार किसानों की आईडी तैयार की जानी है। कृषि मंत्री ने कहा कि पहले चरण में बिहार ने 47 लाख 85 हजार किसानों का सफल पंजीकरण कर देशभर में मिसाल पेश की है।
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मुख्य सचिव बोले- किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
समारोह में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में मिलेगी और जमीन से संबंधित परिमार्जन की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।