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बिहार: राम मंदिर की पहली ईंट रखने वाले कामेश्वर चौपाल बन सकते हैं डिप्टी सीएम

Fri, 13 Nov 2020 12:36 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 13 Nov 2020 12:36 PM IST
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Bihar Election Result 2020 News Bihar Deputy CM Kameshwar Chaupal Ayodhya Ram Mandir might become deputy know who is he nda nitish
बिहार चुनाव परिणाम 2020: डिप्टी सीएम कामेश्वर चौपाल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के साथ ही सरकार गठन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आज एनडीए नेताओं की बैठक होने वाली है। इसमें मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के नाम का एलान हो सकता है। वहीं सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या में 1989 में हुए राम मंदिर शिलान्यास के दौरान पहली ईंट रखने वाले कामेश्वर चौपाल को बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। खुद को लेकर जारी अटकलों पर चौपाल ने कहा 'मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं, पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी वो मुझे स्वीकार है।'

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कौन हैं कामेश्वर चौपाल
कामेश्वर चौपाल दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। 1989 के राम मंदिर आंदोलन के समय हुए शिलान्यास में कामेश्वर ने ही राम मंदिर की पहली ईंट रखी थी। आरएसएस ने उन्हें पहले कारसेवक का दर्जा दिया है। वह 1991 में रामविलास पासवान के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं।
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राम को रिश्तेदार मानते हैं
वे बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले हैं जो मिथिला में पड़ता है। एक मैग्जीन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कामेश्वर चौपाल ने बताया था कि हम लोग जब बड़े हो रहे थे तो राम को अपना रिश्तेदार मानते थे। उनके मुताबिक मिथिला इलाके में शादी के दौरान वर-वधू को राम-सीता के प्रतीकात्मक रूप में देखने की प्रथा है। ऐसा इसलिए क्योंकि मिथिला को सीता का घर कहा जाता है।
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यह भी पढ़े- बिहार: सरकार गठन को लेकर आज होगी एनडीए की बैठक, सीएम के नाम पर लगेगी मुहर

मधुबनी के प्रचारक रहे
कामेश्वर ने अपनी पढ़ाई-लिखाई मधुबनी जिले से की है। यहीं वे संघ के संपर्क में आए थे। उनके एक अध्यापक संघ के कार्यकर्ता हुआ करते थे। संघ से जुड़े उसी अध्यापक की मदद से कामेश्वर को कॉलेज में दाखिला मिला था। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही वे संघ के प्रति पूरी तरह से समर्पित हो चुके थे। इसके बाद उन्हें मधुबनी जिले का जिला प्रचारक बना दिया गया था।

1989 में विहिप ने किया था शिलान्यास
नवंबर 1989 में राम मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम रखा गया था। उस समय कामेश्वर चौपाल अयोध्या में ही मौजूद थे। वे एक टेंट में रह रहे थे। उनके कमरे में विहिप के तत्कालीन प्रमुख अशोक सिंघल के एक करीबी व्यक्ति आए और उन्हें बताया कि आपको शिलान्यास के लिए चुना गया है। इसके बाद चौपाल ने ही राम के मंदिर निर्माण की पहली ईंट रखी थी।


ऐसा रहा है राजनीतिक करियर
कामेश्वर चौपाल ने 1991 में लोक जनशक्ति पार्टी के दिवंगत नेता रामविलास पासवान के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि वे हार गए थे। 2002 में वे बिहार विधान परिषद के सदस्य बने। 2014 में भाजपा ने उन्हें पप्पू यादव की पत्नी रंजीता रंजन के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन यहां भी उन्हें कामयाबी नहीं मिली।

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