Bihar Election News: 26 जिलों के 42 नगरपालिकाओं में निकाय चुनाव संपन्न, पहली बार 70 फीसदी लोगों ने की ई वोटिंग
Bihar News: विधानसभा चुनाव के पहले आज बिहार में राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकायों का चुनाव-उप चुनाव संपन्न करवा लिया। खास बात यह है कि पहली बार राज्य में इसके लिए ई-वोटिंग का प्रयोग सफल हुआ। मतदान को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिखा।
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निर्वाचन आयोग की ओर से बताया गया कि नगरपालिका चुनाव 2025 के लिए 489 मतदान केन्द्र बनाए गए। चुनाव में 538 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में उतरे हैं। इसमें 242 पुरुष और 296 महिला अभ्यर्थी शामिल है। वहीं कुल मतदाताओं की संख्या 379674 है। जिसमें 197129 पुरुष मतदाता एवं 182539 महिला मतदाता और 12 अन्य मतदाता शामिल हैं।
बिहार में पहली बार किसी चुनाव में ऑनलाइन माध्यम से मतदान हो रहा है। जो मतदाता बूथ तक नहीं आ सकते हैं, उनके लिए ई-वोटिंग की प्रक्रिया की शुरुआत की गई है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि पहली बार प्रयोग हो रहे 'ई-वोटिंग' प्रणाली से 40280 मतदाताओं ने सफलतापूर्वक अपना पंजीकरण कराया है। वह पहली बार ई-वोटिंग 'SECBHR' और ई-वोटिंग SECBIHAR मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे मतदान किया।
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2121 मतदान कर्मी तैनात किए गए हैं
निर्वाचन आयोग की ओर से बताया गया कि मतदान प्रक्रिया की सफलतापूर्वक संचालन के लिए 489 पीठासीन पदाधिकारी और मतदान दल में कुल 2121 मतदान कर्मी तैनात हैं। मतदान केन्द्रों पर बलों की प्रतिनियुक्ति शांतिपूर्ण एवं स्वच्छ मतदान सम्पन्न कराने के लिए निर्धारित मानक के अनुसार सशस्त्र पुलिस वर्तों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। जिसमें 1502 पुलिस पदाधिकारी एवं 5047 पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। अति संवेदनशील संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर लाईव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सकें। वेबकास्टिंग की मॉनिटरिंग निर्वाची पदाधिकारी/जिला/आयोग स्तर पर गठित कंट्रोल रूम में MIS दल द्वारा लगातार की जाएगी।
बोगस वोटिंग रोकने हेतु पूर्व निर्वाचनों की भांति प्रत्येक मतदान केन्द्र पर FRS (फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम) से मतदाता का सत्यापन किया गया। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई मतदाता दुबारा मतदान करने आता है तो सत्यापन के क्रम में उसकी पहचान हो जाती है। फर्जी (बोगस) मतदान का प्रयास होगा विफल, पकड़े जाने पर नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 462 तथा आई.पी.सी. 171डी, 171 एफ के तहत कार्रवाई की जाएगी। मतदान केन्द्र पर किसी भी गड़बड़ी की जानकारी, मतदाताओं की शिकायत की सुनवाई निर्वाची पदाधिकारी / जिला/आयोग स्तर पर गठित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से संपूर्ण मतदान प्रक्रिया के दौरान की जा रही है।