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बिहार चुनाव: बेहतर प्रदर्शन के लिए गठबंधनों के बीच घमासान
Sun, 11 Oct 2020 05:36 AM IST
Amit Mandal
अमर उजाला ब्यूरो, पटना
अमर उजाला ब्यूरो, पटना
Published by: Amit Mandal
Updated Sun, 11 Oct 2020 05:36 AM IST
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चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की जंग गठबंधनों के भीतर ही है। राजग में यह जंग अभी ही दिखने लगी है। राजग में स्ट्राइक रेट की लड़ाई तेज हो गई है। जदयू और भाजपा दोनों एक-दूसरे से ज्यादा सीटें जीतने के लिए जी-जान से जुटे हैं।
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पिछली बार जदयू भाजपा पर भारी
पिछले चुनावों का स्ट्राइक रेट देखें तो जदयू, भाजपा पर भारी पड़ती दिखती है। 2005 और 2015 में जदयू का स्ट्राइक रेट भाजपा से ज्यादा रहा है। 2005 में जदयू ने 139 सीटों पर चुनाव लड़ा और 88 सीटों पर जीत हासिल की। तब पार्टी का स्ट्राइक रेट 63.30 फीसदी रहा था, जबकि भाजपा 102 सीटों पर लड़कर 55 सीटें ही जीत पाई थी। भाजपा का स्ट्राइक रेट तब 53.92 फीसदी रहा था। 2010 में भाजपा ने स्ट्राइक रेट के मामले में जदयू को पछाड़ दिया। तब जदयू 141 सीटों पर चुनाव लड़ा था। पार्टी को 115 सीटों पर जीत मिली थी।
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तब जदयू का स्ट्राइक रेट 81.56 फीसदी रहा, जबकि भाजपा ने 102 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर 91 सीटों पर जीत दर्ज की थी। तब पार्टी का स्ट्राइक रेट 89.21 फीसदी रहा था, लेकिन 2015 में भाजपा एक बार फिर जदयू से पिछड़ गई। 2015 में जदयू ने 101 सीटों पर चुनाव लड़कर 71 सीटें जीत लीं। इस चुनाव में पार्टी का स्ट्राइक रेट 70.29 फीसदी रहा, जबकि भाजपा 157 सीटों पर लड़कर 53 सीटें ही जीत पाई। इस चुनाव में भाजपा का स्ट्राइक रेट मात्र 33.75 फीसदी रहा।
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महागठबंधन में भी स्ट्राइक रेट की चिंता
2005 के विधानसभा चुनाव में राजद के 175 प्रत्याशी मैदान में थे। पार्टी को तब 54 सीटों पर जीती मिली। इस चुनाव में पार्टी का स्ट्राइक रेट 30.85 फीसदी ही रहा। कांग्रेस ने तब 51 उम्मीदवार उतारे और 9 पर जीत हासिल की। पार्टी का स्ट्राइक रेट 17.64 फीसदी रहा था। 2010 में राजद ने 168 सीटों पर चुनाव लड़ा था। पार्टी ने मात्र 22 सीटों पर जीत दर्ज की थी। तब राजद का स्ट्राइक रेट 13.09 फीसदी ही था। इसी साल कांग्रेस राज्य की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ गई थी। पार्टी के 243 उम्मीदवारों में से मात्र 4 उम्मीदवार चुनाव जीत पाए थे। पार्टी का स्ट्राइक रेट 1.64 फीसदी रहा था।
2015 में राजद और कांग्रेस के स्ट्राइक रेट में बड़ा सुधार हुआ। राजद ने 101 सीटों पर चुनाव लड़कर 80 सीटें जीत लीं। पार्टी का स्ट्राइक रेट 79.20 फीसदी पर पहुंच गया। यही हाल कांग्रेस का भी हुआ। 41 सीटों पर लड़ी कांग्रेस ने 27 सीटें जीत लीं। पार्टी का स्ट्राइक रेट 01.64 प्रतिशत से उछलकर सीधे 65.85 पर पहुंच गया।