फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar: effect of cash ban, Historic sonepur Fair is deserted

सूना है सोनपुर का ऐतिहासिक मेला, नोटबंदी ने ला दी मंदी

Sat, 19 Nov 2016 12:36 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 19 Nov 2016 12:36 PM IST
विज्ञापन
Bihar: effect of cash ban, Historic sonepur Fair is deserted

देश में लागू नोटबंदी का असर एशिया में बड़े और पुराने पशु मेले में से एक सोनपुर हरिहर क्षेत्र में लगने वाले मेले पर भी दिख रहा है। नोटबंदी के कारण सोनपुर मेले का कारोबार ऐतिहासिक मंदी को देख रहा है। स्थानीय बुजुर्गों की माने तो ऐसा सूनापन उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा था। 

विज्ञापन


न तो पशु प्रेमी ही नजर आ रहे हैं, ना कहीं किसान दिख रहे हैं। हाल इतना बुरा है कि थियेटर तक में युवाओं की टोली इस बार नजर नहीं आ रही है। ऐसे में इन नोटों का रद्द किया जाना मेला प्रेमियों और आयोजकों के लिए बेहद निराशाजनक कहा जा रहा है।
विज्ञापन


दरअसल साल में एक बार लगने वाले इस मेले में पूरा कारोबार नकद में होता है। ऐसे में नकद की बाजार में कमी इस मेले के कारोबार को ठप कर दिया है। गाय खरीदने आए रामवचन राय कहते हैं कि यहां सारा लेन-देन नकद में होता है बाबू, यहां पेटीएम नहीं चलता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थानीय कारोबारी अमूल्य सुनसान मेला क्षेत्र की ओर देखते हुए कहते हैं कि पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था इससे जुड़ी हुई है। विश्व प्रसिद्ध इस मेले का औपचारिक उद्घाटन 12 नवंबर को ही हो चुका है, लेकिन पिछले छह दिन से खिलौने, खेल-तमाशा और पशुओं का बाजार सजा है, परंतु इन सामानों के खरीददार नहीं आ रहे हैं। 

मेले में आई इस वीरानी का असर आने वाले दिनों में जरूर दिखाई देगा। नोटबंदी का ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है इस बात को इस मेले में आकर समझा जा सकता है। जो लोग मेले में आ रहे हैं, वो भी मेला घूमकर वापस जा रहे हैं, खरीददारी नहीं कर रहे। 

नोटबंदी से परेशान पशु व्यापारी, ठप हुआ कारोबार

Bihar: effect of cash ban, Historic sonepur Fair is deserted

सबसे परेशान पशु व्यापारी हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल महज 15 फीसदी ही पशु कारोबार हो पाया है। अधिकतर पशु कारोबारी बताते हैं कि वो जब घर से निकले थे, तो नोटबंदी नहीं थी। यहां सब नकद कारोबार ही होता है, इसलिए साथ में नकद ही है। 

यहां न तो एटीएम की सुविधा है और न बैंक में बड़ी राशि बदली जा रही है। जो हाथ में है, वो कोई लेने को तैयार नहीं है। गाय खरीदने आए महेश राय कहते हैं कि सब नया नोट मांगते हैं। ऊपर से इस साल बमुश्किल दर्जन भर गायें ही आईं हैं।

गाय बाजार से थोड़ी दूरी पर ओम प्रकाश सिंह के बागान में सजा घोड़ा बाजार में हर कोई मायूस दिख रहा है। घोड़ा बेचने आए रघु सिंह का कहना है कि इतने दिनों में चार-पांच घोड़े बिक जाते थे, लेकिन इस साल एक भी नहीं बिक पाया है।

पशु बाजार के साथ-साथ नोटबंदी का असर मेले में लगने वाले दूसरे दुकानों पर भी दिख रहा है। विदेशी सैलानियों की बात छोड़िए स्थानीय लोगों की संख्या भी मेले में कहने को मात्र है। सरकारी स्टालों पर भी लोग नदारद हैं। 

मेले में नहीं एटीएम की कोई व्यवस्‍था, खाली हाथ लौट रहे लोग

Bihar: effect of cash ban, Historic sonepur Fair is deserted

जापान और इटली से आए सैलानियों की परेशानी भी यही है कि उनके पास नए नोट जरूरत से कम हैं और ऐसे में उन्होंने मेले में खरीददारी का बजट कम कर लिया है।  सबसे ज्यादा असर तो थियेटर कारोबारियों को हुआ है। गुलाब विकास थियेटर के मालिक गुडडू सिंह कहते हैं कि जो थियेटर शो दो लाख में बुक होते थे वो इस साल महज 35 हजार में बुक हो रहे हैं। 

शोभा सम्राट थियेटर के मालिक गब्बर सिंह कहते हैं कि हमारे ग्राहक पेटीएम वाले नहीं हैं, वो गांव के युवा हैं और नकद ही खर्च करते हैं। मेले की वीरानी देखकर छोटे-मोटे दुकानदार भी अपनी लागत निकालने को लेकर चिंतित हैं। 

बड़े निवेशकों का कहना है कि किसान अगर कुछ दिन और मेले से दूर रहें, तो पूंजी निकाल पाना भी इस बार मुश्किल है। गांवों से आने वाले ऑटो और मिनी बसों पर भी यात्रियों की संख्या बेहद कम है। 

ऑटो चालक संजय कुमार वैसे सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हैं और उम्मीद करते हैं कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। संजय का कहना है कि दो-चार दिनों की बात है। अभी तो मेला शुरू हुए पांच दिन ही गुजरे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed