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फर्जी कंपनी बनाकर लालू परिवार ने खरीदा टाटा का गेस्ट हाउस, मोदी ने किया खुलासा
ब्यूरो/ अमर उजाला, पटना
Updated Mon, 30 Apr 2018 09:38 PM IST
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उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक बार फिर से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के परिवार के खिलाफ बड़ा खुलासा किया है। सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने न केवल अपनी बेटियों को टाटा के कोटे पर मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराया बल्कि पटना स्थिति टाटा के गेस्ट हाउस को भी अपने परिवार की संपत्ति बना लिया।
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मोदी ने कहा कि लालू परिवार ने फेयरग्रो आयरन एंड स्टील कंपनी की पटना शहर के अत्यंत पॉश इलाके में दो मंजिला मकान सहित जमीन के मालिक बन बैठे हैं। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने तेजस्वी यादव की जिस संपत्ति को 9 फरवरी को जब्त किया है, वह संपत्ति टाटा कंपनी की थी।
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30 अक्तूबर 2002 को टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड के 7105 वर्ग फुट जमीन में निर्मित 5348 वर्ग फुट के दो मंजिला मकान को फर्जी कंपनी जिसके निदेशक तेजस्वी सहित लालू परिवार ने खरीदा हुआ दिखाया गया है। 1990 से 2000 तक संयुक्त बिहार के दौरान और उसके बाद के वर्षों तक यह टाटा कंपनी का दफ्तर तथा गेस्ट हाउस हुआ करता था। सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि लालू-राबड़ी के शासन काल में टाटा कंपनी को अनेक प्रकार से उपकृत किया जाता रहा है।
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उन्होंने कहा कि 2002 में जब यह बेशकीमती जमीन और मकान की खरीद दिखाई गई है। उस समय राज्य की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी थीं। टाटा कंपनी पर किए गए उपकार के बदले टाटा स्टील ने प्रेमचंद गुप्ता के लोगों की कंपनी फेयरग्रो को अपनी संपत्ति लिख दी और कुछ वर्षों के बाद डिलाइट मार्केटिंग के समान तेजस्वी कंपनी सहित संपत्ति के मालिक बन बैठे। टाटा कंपनी के इस बेशकीमती मकान को खरीदने के लिए फेयरग्रो जैसी फर्जी कंपनी का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि लालू परिवार की बड़ी बेटी मीसा भारती का नामांकन योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि टाटा कंपनी के कोटे से टाटा मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में हुआ था। इतना ही नहीं लालू प्रसाद की एक और बेटी रोहिणी आचार्य एवं लालू के कबाब मंत्री अनवर अहमद की बेटी का नामांकन भी टाटा मेडिकल कॉलेज में 1998 में टाटा कोटे की सीट पर कराया गया था।
लालू प्रसाद के अत्यंत विश्वस्त अलकतरा घोटाले के आरोपी इलियास हुसैन की बेटी आसमां का नामांकन भी टाटा मेडिकल कॉलेज में टाटा कोटे से कराया गया था। मोदी ने कहा कि न तो लालू परिवार बता रहा है कि यह संपत्ति उसने कैसे खरीदी न तो टाटा कंपनी ही यह बता रही है कि आखिर कंपनी ने औने पौने भाव पर एक बंद पड़ी कंपनी की संपत्ति क्यों बेची।