बगैर दहेज के शादी करें युवा : नीतीश
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को युवाओं से बगैर दहेज की शादी करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने लोगों से दहेज लेने वालों की शादियों में शिरकत नहीं करने का आग्रह किया है। नीतीश कुमार ने यह बात बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की 126वीं जन्मशती पर एक समारोह के दौरान कहीं। बकौल नीतीश, ‘ऐसी शादियों में मत जाइए, जहां आपको पता चल गया कि दहेज लिया गया है। हम दहेज लेकर विवाह करने के चलन को रोकना है।’
बिहार के मुख्यमंत्री ने बाल विवाह की भी कठोर निंदा की है। उन्होंने लोगों से इस सामाजिक रोग से दूरी बनाए रखने की अपील की। नीतीश ने कुपोषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बाल विवाह के पीछे का कारण बताया। इस दौरान बिहार विधानसभा के डिप्टी नेता श्याम रजक, पूर्व विधानसभा स्पीकर उदय नारायण चौधरी और अनुसूचित जाति और जनजाति के राज्य मंत्री संतोष कुमार निराला भी जदयू द्वारा आयोजित एसके मेमोरियल हॉल में मौजूद थे।
नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में इस पर पूरी तरह से निषेध लगाया है और खासतौर से ग्रामीण इलाकों में सामाजिक क्रांति के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। इससे पहले इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने बीआर अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके श्रद्धांजलि अर्पित की।
2019 में बापू की 150वीं जयंती पर देश में पूर्ण शराबबंदी लागू हो
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर देश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अभी से इस पर तैयारी करनी चाहिए। तभी जाकर यह 2019 तक संभव हो पाएगा।
चंपारण सत्याग्रह स्मृति वर्ष पर की थी दहेजबंदी की व्यापक अभियान की शुरुआत
नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को चंपारण सत्याग्रह स्मृति वर्ष पर एक राष्ट्रीय सेमीनार को संबोधित करते हुए राज्य में दहेजबंदी और बाल विवाह पर पूर्ण पाबंदी लगाने के व्यापक अभियान की शुरुआत की थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी, नशाबंदी और देहजबंदी लागू कराना उनकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा था कि चंपारण सत्याग्रह के सौवें वर्ष में राष्ट्रपिता बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।