Ram Mandir: सरकार के जदयू मंत्री ने दिया विवादित बयान, पिछड़ी जाति और अछूत का नाम लेकर भाजपा पर भी साधा निशाना
Ram Mandir : पिछड़ी जातियों से भगवान राम के नाम पर लिए गए चंदे को भाजपा ने लौटा दिया है। भाजपा धोबी, चमार, दुसाध, कुम्हार, मुसहर सहित सभी अछूत जातियों के पैसे से भगवान राम को भोग लगाना नहीं चाहती। देश में संविधान बदलने की साजिश चल रही है।
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चुनाव के नजदीक आते ही बयानवीर नेता लगातार विवादित बयान दे रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक और जदयू नेता ने राम मंदिर में प्रभु श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने राम मंदिर में प्रभु श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कहा कि राजस्थान में पिछड़ी जातियों से भगवान राम के नाम पर लिए गए चंदे को भाजपा ने लौटा दिया है। बीजेपी धोबी, चमार, दुसाध, कुम्हार, मुसहर सहित सभी अछूत जातियों के पैसे से भगवान राम को भोग लगाना नहीं चाहती। सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा के द्वारा 22 जनवरी को भगवान राम का प्राण प्रतिष्ठा किया जा रहा है, जबकि राम मंदिर अभी पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुआ है। मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि देश में संविधान बदलने की साजिश चल रही है इसलिए आप लोग संभल जाइए। अगर 2024 में भाजपा आ गई तो चुनाव भी खत्म हो जाएगा और देश में कभी भी चुनाव नहीं होगा।
राम मंदिर के नाम पर भाजपा कर रही अपनी ब्रांडिंग
बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा नए वर्ष पर एक स्वागत समारोह में शामिल होने के लिए सासाराम आए हुए थे। वहां उन्होंने कहा कि भगवान राम सबके हैं भाजपा सिर्फ चुनावी लाभ के लिए अपनी ब्रांडिंग कर रही है। वहीं टोला सेवकों के राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बात चल रही है। नीति बनाकर आगे कार्य किया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए सरकार कई विद्यालय, इंदिरा आवास सहित सामुदायिक भवन आदि की व्यवस्था कर रही है। सीट शेयरिंग को लेकर पूछे गये सवाल पर मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सीट शेयरिंग पर सब तालमेल बैठा हुआ है। यह सब मीडिया का खेला है।