बिहार : सीएए-एनआरसी पर प्रश्न को हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए टाल गए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से जुड़े प्रश्न को मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर टाल दिया। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन उस विषय की चर्चा मत करिए जिसमें लगे कि अलग-अलग सोच और झगड़े का माहौल है। दूसरी ओर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वह सीएए और एनआरसी पर जनता के साथ धोखा कर रहे हैं। वहीं, तेलंगाना के गृह मंत्री ने कहा है कि केवल पाकिस्तान और बांग्लादेश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में प्रताड़ित हो रहे हिंदुओं को भारत की नागरिकता दी जानी चाहिए।
शहर के हार्डिंग रोड स्थित जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास पर मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री ने सीएए-एनआरसी को लेकर पूछे गए प्रश्न को मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर टाल दिया और कहा कि मकर संक्रांति पर आपस में प्रेम व सद्भावना का भाव होता है।
उन्होंने जल, जीवन, हरियाली के प्रति लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए 19 जनवरी को मानव श्रृंखला में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि आपको जितनी और जो भी बात करनी हो, चाहे वह मुद्दा कुछ भी हो उस पर आप 19 जनवरी को बात करिएगा।
समारोह में शामिल हुए प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद के विधायक फराज फातमी ने कहा कि उनके आज यहां आने का कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मौके पर आमंत्रण दिए जाने पर लोग एक-दूसरे के घर जाया करते हैं और बधाई देते हैं।
एनआरसी को लेकर बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रुख के बारे में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर फातमी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह एनआरसी के खिलाफ हैं, ऐसे में इस बात को आगे बढ़ाना उचित नहीं है।
राजद नेता तेजस्वी यादव सीएए और एनआरसी के विरोध में गुरुवार से बिहार में दौरा करने वाले हैं। इस बारे में पूछे जाने पर फातमी ने कहा कि वह ऐसा करके गलत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अपना रुख स्पष्ट कर दिए जाने पर उन्हें भी अपने निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए।
मकर संक्रांति के अवसर पर शहर स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित समारोह में भाग लेते हुए तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि एनपीआर जो कि एनआरएसी को लेकर पहला कदम है उसे तो वह रोक नहीं पाए।
तेजस्वी ने कहा, ‘उनके (नीतीश के) मन में छल-कपट तो है ही। मामले को टालना था, उन्होंने टाला पर वे कितने दिनों तक टालेंगे। बिहार की जनता देख रही है कि कैसे यह पार्टी (जदयू) और उसके नेता अपने दल के संविधान को नहीं मानते।’
आरजेडी विधायक बोले 2020 में नीतीश कुमार ही बनाएंगे सरकार
मकर संक्रांति के मौके पर बुधवार को बिहार में कई राजनीतिक दलों द्वारा ‘दही-चूड़ा भोज’ का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित एनडीए के नेता तो पहुंचे ही राजद के विधायक फराज फातमी भी शामिल हुए।
इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता फराज फातमी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है और केवल वही 2020 में सरकार बनाएंगे। बिहार में एक फिर से नीतीश सरकार का राज होगा।’
गौरतलब है कि दरभंगा जिला के केवटी विधानसभा से विधायक फराज फातमी पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी के बेटे हैं। पहले अली अशरफ फातमी भी राजद के सांसद थे। लेकिन पिछले वर्ष दरभंगा से टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी से बगावत कर दी थी और राजद का दामन थाम लिया था।
रंग बदलने में माहिर हैं नीतीश : लालू यादव
राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रंग बदलने में माहिर हैं। नीतीश कुमार को 'पलटूराम' कहते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उस कानून का समर्थन करती है जो लोगों की नागरिकता छीन लेगा।
लालू ने ट्वीट किया, 'पलटूराम (नीतीश कुमार) रंग बदलने में माहिर हैं। एक ओर उन्होंने लोगों को धोखा दिया और दूसरी ओर उनकी पार्टी ने संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक को समर्थन दिया। ऐसे लोग जिनकी माता-पिता अशिक्षित हैं और उनके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है, उन्हें इस कानून के चलते देश का नागरिक नहीं माना जाएगा।'
दूसरी ओर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी ने भी नीतीश पर निशाना साधा। राबड़ी ने कहा, 'नीतीश कुमार सीएए पर जनता को मूर्ख बना रहे हैं। एक ओर उनकी पार्टी संसद में इस विधेयक का समर्थन करती है और दूसरी ओर वह कह रहे हैं कि वह एनआरसी नहीं लागू करेंगे। जनता सब जानती है और उन्हें सबक सिखाने का मन बना चुकी है।'
पाकिस्तान-बांग्लादेश ही नहीं, दुनियाभर के प्रताड़ित हिंदुओं को मिले नागरिकता : तेलंगाना मंत्री
तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने कहा है कि केवल बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं को ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में प्रताड़ित हिंदुओं को भारत की नागरिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि यह भारत है। उन्होंने कहा, मैं वादा करता हूं, एनआरसी के बारे में भूल जाइए। हम शांति से रहेंगे और यहां किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी।
Mohammed Mahmood Ali,Telangana Home Minister: Not only in Bangladesh&Pakistan,across the world wherever Hindus are facing persecution should be given citizenship,because this is India. I promise you, forget about NRC.We will live in peace&there will be no disturbance here. (14.1) pic.twitter.com/M1rRHgEurt
— ANI (@ANI) January 15, 2020