बिहार: बीएसएससी पेपर लीक मामले में पूर्व सचिव समेत 30 पर आरोप तय, पूर्व अध्यक्ष का भी चार्जशीट में नाम
बिहार कर्मचारी चयन आयोग के प्रश्नपत्र लीक मामले में पटना की विशेष अदालत ने पूर्व सचिव परमेश्वर राम समेत 30 आरोपितों पर आरोप तय किए हैं। चार्जशीट में पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार का भी नाम है। अब अभियोजन पक्ष गवाही पेश करेगा।
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बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के प्रश्नपत्र लीक मामले में विशेष अदालत ने आयोग के पूर्व सचिव परमेश्वर राम समेत 30 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने खुली अदालत में उपस्थित सभी आरोपितों को उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पढ़कर सुनाए। आरोपितों ने आरोपों से इन्कार किया, जिसके बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाही पेश करने का निर्देश दिया।
प्रमुख आरोपितों में पूर्व सचिव और प्रश्नपत्र आपूर्तिकर्ता शामिल
इस मामले में आरोप तय किए गए प्रमुख आरोपितों में आयोग के पूर्व सचिव परमेश्वर राम, प्रश्नपत्र आपूर्तिकर्ता आनंद प्रीत सिंह बरार और अन्य मुख्य आरोपित आशीष रंजन शामिल हैं। मामले की विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह के अनुसार, वर्ष 2017 में पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की थी। जांच के बाद जांच एजेंसी ने भारतीय दंड विधान और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 41 लोगों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सुधीर कुमार का नाम भी शामिल है।
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अगमकुआं थाने में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2017 में पटना के अगमकुआं थाना पुलिस को प्रश्नपत्र लीक होने के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर कई लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों के पास से बिहार कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्नपत्र और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। इस बरामदगी के बाद अगमकुआं थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच का जिम्मा विशेष जांच इकाई को सौंप दिया गया।
अनुपस्थित आरोपितों के कारण लंबित थी सुनवाई
अदालत में एक आरोपित की अनुपस्थिति के कारण वर्ष 2017 से मामले की सुनवाई लंबित थी। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित अनुपस्थित आरोपित का अभिलेख मूल मामले से अलग कर दिया था और मंगलवार को आरोप गठन के लिए तारीख निर्धारित की थी।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान 30 आरोपित अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने अन्य 10 अनुपस्थित आरोपितों के अभिलेख भी अलग कर दिए और उपस्थित 30 आरोपितों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए। अब मामले में अभियोजन पक्ष की गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी।