Bihar Vidhan Sabha : तेजस्वी के इस्तीफे की मांग पर भाजपा का हंगामा, स्पीकर बोले- यह हरकत अशोभनीय; सदन स्थगित
Bihar News : नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने डिप्टी सीएम यादव के इस्तीफे की मांग की। चार्जशीटेड डिप्टी सीएम को इस्तीफा देना ही होगा। उन्होंने पूछा कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मुद्दे पर शांत क्यों हैं?
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बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। विधानसभा परिसर में माले नेताओं ने जमकर हंगामा किया। वह शिक्षक अभ्यर्थियों के समर्थन में हैं। और उनकी मांग को पूरा करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर प्रश्नकाल की शुरूआत में ही भाजपा के विधायक हंगामा करने लगे। वह तेजस्वी यादव की मांग पर अड़ गए। इधर, विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि माननीय सदस्य आपलोगों का यह आचरण अशोभनीय है। यह लोकतंत्र पर प्रहार के जैसा है। इसलिए सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के स्थगित की जा रही है। 5 मिनट में ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। भाजपा विधायक फिर से हंगामा करने लगे। 10 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली। इस बीच वित्त मंत्री विजय चौधरी ने बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2023 को पुन: स्थापित करने की मांग की। उन्होंने इस विधेयक पर पर विचार करने की मांग की। इसके बाद स्पीकर ने इस विधेयक को पास कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने 12 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
माले विधायकों ने भी किया सरकार का विरोध
इधर, माले के विधायकों विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना है कि नई शिक्षक नियमावली में सुधार की आवश्यकता है। नियोजित शिक्षकों बिना शर्त राज्यकर्मी का दर्जा दें। साथ उनका वेतनमान लागू करें। माले विधायकों का कहना है कि 6 साल से नियोजित शिक्षकों को मानदेश नहीं मिला है ऐसे में वह अपने परिवार को पेट कैसे पालेंगे।
भाजपा ने कहा- चार्जशीटेड डिप्टी सीएम को इस्तीफा देना ही होगा
मुख्यमंत्री भ्रष्टचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कह रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से आपने FIR होने पर इस्तीफा लिया था। आपने मंजू वर्मा और राजद के कार्तिक कुमार से भी इस्तीफ लिया। इन लोगों तो केवल FIR हुआ था। तब भी इस्तीफा ले लिया गया। लेकिन तेजस्वी यादव पर चार्जशीट हुआ है तो क्यों अब तक उनका इस्तीफा नहीं लिया गया है। मुख्यमंत्री कुर्सी के लिए सिद्धांत से समझौता कर लिया है। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि आप अगर संविधान का सम्मान करते हैं तो संवैधानिक पद की गरिमा को समझना चाहिए। अगर आप इस्तीफा नहीं ले पा रहे तो खुद इस्तीफा दे दें। चार्जशीटेड डिप्टी सीएम को इस्तीफा देना ही होगा। जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मुद्दे पर शांत क्यों हैं? उन्हें इस मुद्दे पर जवाब देना ही होगा।
विधान परिषद अपडेट्स...
विजय चौधरी ने कहा- शिक्षक अभ्यर्थियों से भाजपा को कोई हमदर्दी नहीं
इधर, विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के MLC हंगामा करने लगे। वह नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद शिक्षक प्रतिनिधियों से बात करेंगे। भाजपा इस मामले पर राजनीति करना चाहती है। उनकी शिक्षक अभ्यर्थियों से कोई हमदर्दी नहीं है, इसलिए आंदोलन की बात कह रही है। इस पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर शिक्षक अभ्यर्थियों से बातचीत करना चाहते हैं तो वह उन्हें गिरफ्तार क्यों करवा रहे हैं।
जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने कहा- सदन में नेता प्रतिपक्ष ने असंसदीय शब्द का प्रयोग किया
विधान परिषद में जदयू एमएलसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी हमारे परिवार के सदस्य हैं। सत्र के समापन के बाद हमलोग शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। उनकी मांगों पर विचार करेंगे। महागठबंधन के एमएलसी ने कहा कि भाजपा वाले कुछ करना नहीं चाहते हैं। यह लोग केवल हंगामा कर रहे हैं। नीरज कुमार ने भाजपा वाले कहते थे कि भगवान भी आएंगे तो शिक्षकों को वेतन नहीं मिलेगा। सदन में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया। गुंडागर्दी शब्द का इस्तेमाल करना काफी गलत है। सुनील सिंह ने कहा कि जिस शब्दों का प्रयोग सम्राट चौधरी ने किया वह असंसदीय के साथ हिटलरशाही का प्रतीक है। इसके बाद विधान परिषद की कार्यवाही 12 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।