बिहारः चौथे चरण में इन पांच सीटों पर क्यों टिकीं सबकी निगाहें?
बिहार चुनाव का चौथा चरण भी शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इसके साथ ही 55 सीटों पर 776 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। पिछले तीनों चरणों के मुकाबले इस बार वोटरों में मतदान के प्रति जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया।
यही कारण रहा कि दिन चढ़ने के साथ ही हर बूथ पर वोटरों की संख्या बढ़ती चली गई। यूं तो दोनों ही गठबंधनों के लिए हर सीट महत्वपूर्ण है लेकिन कुछ सीट ऐसी भी हैं जिन पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
वहीं कुछ उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर लोग नजरें गड़ाए हुए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सीट है वरिष्ठ जदयू नेता रमई राम। बिहार के प्रमुख दलित नेताओं में शुमार होने वाले रमई राम के नाम विधानसभा चुनावों में जीत का शानदार रिकार्ड रहा है।
बोंचहा सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले रमई राम 9 बार चुनाव जीतकर दसवीं बार मैदान में हैं। उनका मुकाबला राम विलास पासवान के दामाद लोजपा उम्मीदवार अनिल कुमार साधु से है।
कांटेदार मुकाबलों में फंसे एनडीए उम्मीदवार
अनिल कुमार साधु की पहचान टिकट वितरण के दौरान कैमरे के सामने रोने वाले नेता की है। वहीं उनके सामने निर्दलीय प्रत्याशी बेबी कुमारी भी मैदान में डटी हुई हैं। पहले लोजपा ने बेबी कुमारी को ही टिकट दिया था लेकिन पारिवारिक विवाद सुलटने के बाद उनका टिकट काटकर अनिल साधु को दे दिया गया।
इसके अलावा सीतामढी में भाजपा उम्मीदवार सुनील पिंटू और राजद के सुनील कुमार के बीच कड़ा मुकाबला है। शिवहर में पूर्व बाहुबलि सांसद आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद जीतन राम मांझी के हिंदुस्तान अवाम मोर्चा से मैदान में हैं तो उनके सामने जनता दल यूनाइटेड के शर्फुद्दीन और समाजवादी पार्टी से अजीत झा डटे हुए हैं।
बरौली विधानसभा सीट पर भाजपा के राम प्रवेश राय और जदयू के नेमतुल्ला में मुकाबला है तो लौरिया में भाजपा के विनय बिहारी और राष्ट्रीय जनता दल के रामकौशल कांटे के मुकाबले में एक दूसरे के सामने हैं।