Bihar election 2020: कोरोना पॉजिटिव वोटर कैसे दे सकेंगे वोट, मतदाता और चुनाव कर्मियों के लिए ये हैं दिशानिर्देश
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कोरोना महामारी के इस दौर में बिहार में पहला बड़ा चुनाव है। चुनाव की तारीखें तय हो गई हैं। इस बार 28 अक्तूबर से तीन नवंबर तक तीन फेज में चुनाव होगा। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। 7.29 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन इस बार का चुनाव पिछले चुनाव से काफी अलग होने जा रहा है और इसका कारण कोरोना वायरस है।
कोरोना काल में होने जा रहे इस चुनाव में पिछले चुनाव की तरह बड़ी-बड़ी रैलियां, रोड शो, नेताओं का भीड़ के साथ घर-घर जाकर प्रचार करना, ये सब नहीं दिखेगा। पोलिंग बूथ पर भी वोटरों की लंबी-लंबी लाइनें नहीं दिखेंगी, क्योंकि इस बार एक पोलिंग बूथ पर 1500 की बजाय 1000 वोटरों को ही बुलाया जाएगा और यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी होगी।
कोरोना काल में ही बिहार में विधानसभा चुनाव है, इसलिए चुनाव आयोग ने कुछ दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। आइए जानते हैं चुनाव को लेकर क्या हैं दिशानिर्देश:-
पोलिंग बूथ पर वोटिंग कैसे होगी?
- कोरोना वायरस की वजह से वोटिंग का समय एक घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। पहले शाम पांच बजे तक होती थी।
- वोटिंग से एक दिन पहले सभी पोलिंग स्टेशन को सैनिटाइज किया जाएगा।
- एक बूथ पर 1500 की बजाय 1000 मतदाता ही वोट डाल सकेंगे।
- पोलिंग स्टेशन के एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर साबुन, पानी और सैनिटाइजर उपलब्ध रहेगा।
- बिना मास्क के आने वालों के लिए बूथ पर मास्क रखे जाएंगे।
- थर्मल स्क्रीनिंग में दो बार तापमान तय पैमाने से ऊपर आने पर वोटर को टोकन/ सर्टिफिकेट दिया जाएगा। ऐसे वोटर वोटिंग के आखिरी घंटे में शाम को ही वोट डाल पाएंगे।
पोलिंग बूथ पर ऐसी होगी व्यवस्था
- सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 6-6 फीट की दूर पर सर्किल बनाए जाएंगे।
- तीन कतारें होंगी। पहली पुरुषों, दूसरी महिलाओं और तीसरी दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए।
- बूथ के प्रवेश बिंदु पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। वोटिंग एरिया भी सैनिटाइज होगा।
- वोटरों को रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने और ईवीएम का बटन दबाने के लिए ग्लव्स मिलेंगे।
कोरोना पॉजिटिव वोटर कैसे दे सकेंगे वोट?
- सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो लोग कोरोना पॉजिटिव हैं वो मतदान कर पाएंगे या नहीं। लेकिन उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्वारंटीन लोग और कोरोना मरीज वोटिंग के आखिरी घंटे में स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख में वोट डाल सकेंगे।
- कोरोना मरीजों की वोटिंग की प्रक्रिया को संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट को-ऑर्डिनेट करेंगे।
- कोरोना पॉजिटिव या क्वारंटीन किए गए लोग पोस्टल बैलेट से भी वोट डाल सकेंगे।
- इसके अलावा दिव्यांग, 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग, जरूरी सेवाओं में शामिल लोग और कोरोना पॉजिटिव या क्वारंटीन लोग पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान कर सकेंगे।
चुनाव प्रक्रिया में शामिल कर्मियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
- चुनाव प्रक्रिया में शामिल हर व्यक्ति को मास्क पहनना जरूरी होगा।
- चुनाव ड्यूटी में शामिल किसी को कोरोना होता है तो उसके बदले ड्यूटी संभालने के लिए अतिरिक्त स्टाफ मौजूद होगा।
- चुनाव में इस्तेमाल होने वाले कमरों/ परिसरों में हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। सैनिटाइजर, साबुन और पानी मौजूद रहेगा।
- चुनाव सामग्री देने और इकट्ठा करने की प्रक्रिया बड़े हॉल में होगी।
- पहली और दूसरी ईवीएम से जुड़ा हर काम भी बड़े हॉल में होगा ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।