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बिहार विधानसभा चुनाव अतीत के झरोखे से: जब दो भाइयों की लड़ाई में प्रभावती सिंह जीत गईं

Thu, 03 Sep 2020 03:08 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: देव कश्यप Updated Thu, 03 Sep 2020 03:08 PM IST
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Bihar Assembly election 2020 know about interesting fight of midterm election 1980 when Prabhavati Singh won
Jagada Nand Singh - फोटो : Twitter@syadavbihar

बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने वाली है। सितंबर महीने में ही चुनाव आयोग तारीखों का एलान कर सकता है, इसके संकेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुछ दिन पहले ही दिए थे। वहीं, चुनाव के मद्देनजर भाजपा नेताओं का दौरा छह सितंबर के बाद शुरू हो जाएगा। फिलहाल एनडीए और महागठबंधन में अपने-अपने सहयोगी पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर तालमेल बैठाने की कोशिश चल रही है। आरजेडी नेतृत्व वाले महागठबंधन में तो सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। लेकिन आज हम आपको वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य से दूर अतीत के झरोखों से कुछ दिलचस्प चुनावों से रूबरू करा रहे हैं।

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यह बिहार विधानसभा के लिए 1980 का मध्यावधि चुनाव था। जनता पार्टी की सरकार केंद्र और प्रदेश में भी गिर गई थी। केंद्र की तरह बिहार में भी मध्यावधि चुनाव कराया जा रहा था। जनता पार्टी की सरकार के गिर जाने से कांग्रेस  पूरे उत्साह में थी।

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रामगढ़ की सीट पर इसके पहले 1977 में समाजवादी सच्चिदानंद चुनाव जीते थे और कर्पूरी ठाकुर की सरकार में सिंचाई मंत्री हुए थे। इस बार के चुनाव में एक ओर सच्चिदानंद सिंह जनता पार्टी सेकुलर के टिकट पर उम्मीदवार थे तो दूसरी ओर उनके छोटे भाई जगदानंद सिंह निर्दलीय उम्मीदवार हुए। कांग्रेस ने प्रभावती सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था।
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दो भाइयों की लड़ाई में प्रभावती सिंह को मिली थी जीत
दोनों भाइयों के बीच चुनावी जंग में रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस को करीब पंद्रह सौ से अधिक मतों से जीत हासिल हुई थी। चुनाव मैदान में खड़े सच्चिदानंद को 14,198 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 15,953 वोट मिले। वहीं, तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीय जगदानंद सिंह को 10 हजार से अधिक वोट मिले थे।


अगली बार 1985 के विधानसभा चुनाव में रामगढ़ में एक बार फिर जगदानंद सिंह और कांग्रेस की प्रभावती सिंह के बीच चुनावी टक्कर हुई। इस बार सच्चिदानंद चुनाव मैदान में नहीं थे। लोकदल ने जगदानंद सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था। जगदानंद सिंह भारी मतों से चुनाव जीत गए। कांग्रेस की उम्मीदवार दूसरे स्थान  पर रहीं। जगदानंद सिंह इसके बाद लगातार छह बार रामगढ़ से विधायक निर्वाचित हुए।

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