बिहार: प्रदेश में त्योहारों पर चलेगा स्वच्छता अभियान, चार रंगों के कूड़ेदानों से होगा कचरे का प्रबंधन
बिहार में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की अवधि 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। नवरात्र से छठ तक मंदिरों, पूजा पंडालों और मेलों में सफाई, प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और हरित त्योहारों पर जोर रहेगा।
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ग्रामीण विकास विभाग ने नवरात्र से लेकर छठ महापर्व तक राज्यभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 17 सितंबर से शुरू किए गए ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की अवधि बढ़ाकर 17 अक्टूबर तक कर दी गई है। इस दौरान राज्य के सभी जिलों में स्वच्छ एवं हरित त्योहार अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत मंदिरों, पूजा पंडालों, मेला परिसरों और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्गों पर नियमित साफ-सफाई के साथ जलजमाव की रोकथाम सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विशेष अभियान के तहत पूजा पंडालों और मेला परिसरों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दुकानदारों और श्रद्धालुओं को प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े, जूट या कागज के थैलों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खाने-पीने की चीजों के लिए पत्तल, दोना और जैव-अवक्रमणीय बर्तनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन के तहत स्रोत पर ही कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करने की व्यवस्था की जाएगी।
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इसके लिए पूजा पंडालों और मेला परिसरों में चार अलग-अलग रंगों के कूड़ेदान रखे जाएंगे। पंडालों की सजावट में थर्मोकोल और प्लास्टिक की झालरों के बजाय बांस, कागज और कपड़े जैसी पुन: उपयोग योग्य सामग्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी। रावण दहन के बाद बचने वाले अवशेषों का भी तत्काल निस्तारण किया जाएगा।
गौरतलब है कि 17 सितंबर से शुरू हुए ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत अब तक राज्यभर में एक लाख दो हजार से अधिक सार्वजनिक स्थलों और कचरा स्थलों की सफाई की जा चुकी है। इस अभियान में 45 लाख से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की है। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर वार्ड में एक पैडल रिक्शा और ग्राम पंचायत स्तर पर एक ई-रिक्शा कार्यरत है।
पंचायतों में अभियान को सफल बनाने के लिए जीविका स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनके जरिए लोगों को ओडीएफ-प्लस व्यवहार अपनाने और त्योहारों को स्वच्छ एवं हरित तरीके से मनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मंत्री ने नागरिकों से की स्वच्छता बनाए रखने की अपील
ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत 17 सितंबर से राज्य के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता का महाभियान चलाया जा रहा है। इसकी अवधि बढ़ाकर 17 अक्टूबर तक कर दी गई है। पूजा पंडालों और उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ इस बार त्योहारों को हरित पर्व के रूप में मनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नवरात्र के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, कचरा निर्धारित कूड़ेदान में ही डालें और इस अभियान में सक्रिय योगदान दें।