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बिहार : 55 वर्षीय व्यक्ति पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचा डॉक्टर के पास, अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट देख उड़ गए होश
Mon, 21 Feb 2022 01:24 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, मुजफ्फरपुर
पीटीआई, मुजफ्फरपुर
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 21 Feb 2022 01:24 AM IST
सार
तीव्र कब्ज और पेट दर्द से पीड़ित व्यक्ति रविवार को मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में पहुंचा, यहां डॉक्टरों की एक टीम ने ऑपरेशन किया और पेट से कांच का गिलास निकाला।
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ऑपरेशन करते डॉक्टर। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चिकित्सकों के एक दल ने ऑपरेशन के दौरान 55 साल के एक व्यक्ति के पेट से कांच का गिलास निकाला है। अस्पताल प्रबंधन ने यह जानकारी दी। तीव्र कब्ज और पेट दर्द से पीड़ित व्यक्ति रविवार को शहर के माड़ीपुर इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचा था, यहां डॉक्टरों की एक टीम ने ऑपरेशन किया और पेट से कांच का गिलास निकाला।
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वैशाली जिले के महुआ क्षेत्र निवासी मरीज के ऑपरेशन के लिए चिकित्सकों की टीम का नेतृत्व करने वाले डॉ. महमुदुल हसन ने बताया कि उक्त मरीज के अल्ट्रासाउंड और एक्सरे रिपोर्ट से पता चला था कि उसकी आंतों में कुछ गंभीर गड़बड़ी है। मीडिया के साथ ऑपरेशन और उससे पहले लिए गए एक्सरे का एक वीडियो फुटेज साझा करते हुए हसन ने कहा, ‘कांच का गिलास उक्त मरीज के शरीर के भीतर कैसे पहुंचा, यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है।’
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उन्होंने कहा, ‘जब हमने पूछा तो मरीज ने कहा कि उसने चाय पीते समय गिलास निगल लिया है। हालांकि, यह कोई ठोस व्याख्या नहीं है। इंसान की भोजन नली ऐसी किसी वस्तु के प्रवेश करने के लिए बहुत संकरी है।’
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हसन के मुताबिक, शुरू में एक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिये कांच के गिलास को मलाशय से बाहर निकालने का प्रयास किया गया था, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली, लिहाजा हमें ऑपरेशन करना पड़ा और मरीज की आंत की दीवार चीरकर गिलास निकालना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘उक्त मरीज की हालत अब स्थिर है। ठीक होने में समय लगने की संभावना है, क्योंकि सर्जरी के बाद मलाशय को ठीक कर दिया गया है और एक फिस्टुलर ओपनिंग बनाई गई है, जिसके माध्यम से वह मलत्याग कर सकता है।’ हसन के अनुसार, कुछ महीनों में मरीज के पेट के ठीक होने की उम्मीद है, जिसके बाद हम फिस्टुला को बंद कर देंगे और उसकी आंतें सामान्य रूप से काम करने लगेंगी। हालांकि, ऑपरेशन के बाद मरीज को होश आ गया था, लेकिन न तो वह और न ही उसके परिवार के सदस्य मीडिया से बात करने को तैयार थे।