बिहार में पुलिस का बड़ा विद्रोह, 800 पुलिसवालों ने दी इस्तीफे की धमकी
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बिहार में शराबबंदी के मामले में निलंबित किए गए दस एसएचओ के मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। सरकार की इस कार्रवाई के विरोध में 800 से ज्यादा पुलिसवालों ने सामूहिक इस्तीफे की धमकी दे दी है। इससे पूर्व पुलिसवालों ने सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी भी दी है। बिहार पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि सरकार ने अगर 28 अगस्त से पहले दस एसएचओ का निलंबन वापस नहीं लिया तो सभी पुलिसवाले हड़ताल पर चले जाएंगे।
बता दें कि बिहार सरकार ने शराबबंदी के मामले में लापरवाही बरतने पर बीते शुक्रवार को दस एसएचओ थानाध्यक्षों को निलंबित कर दिया था। इन पर आरोप था कि ये अपने क्षेत्र में शराबबंदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू नहीं करवा पा रहे हैं। शराबबंदी के मामले में सरकार की कार्रवाई इतनी सख्त थी कि इन सभी पुलिसकर्मियों को अगले दस सालों तक थानाध्यक्ष नहीं बनाए जाने के निर्देश जारी हुए थे।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में पटना के मसुरही थाना, जहानाबाद के मखदूमपुर, कैमूर के चांद, रोहताश जिले के डिहरी, पुर्णिया के मारंगा और रूपौली, भागलपुर के सुल्तानगंज, मोतिहारी के मुफासिल, सीतामढी के रुन्नी सैदपुर और सीतामढ़ी के ही बैरगनिया थाने के एसएचओ को सस्पेंड किया गया था।
नीतीश सरकार की सख्त कार्रवाई से भड़के हुए हैं पुलिसवाले
सरकार की यह कार्रवाई अब उसके गले की ही फांस बनती जा रही है। बिहार में ऐसा पहली बार हुआ है कि राज्य के पुलिसकर्मियों में सरकार के खिलाफ इतना जबरदस्त आक्रोश है कि उन्होंने सामूहिक इस्तीफे और हड़ताल की चेतावनी दे डाली है।
यहां तक की 200 से ज्यादा सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों ने राज्य सरकार को लिख कर दे दिया है कि वे किसी थाने का एसएचओ नहीं बनना चाहते न ही उन्हें किसी प्रमोशन की जरूरत है। इसी कड़ी में बिहार पुलिस एसोसिएशन के सदस्यों ने डीजीपी से भी मुलाकात की थी।
बता दें कि बिहार में शराबबंदी को लेकर कानून लगातार सख्त किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले ही कैबिनेट ने शराब पीने वाले युवाओं के पूरे परिवार को भी दंडित किए जाने का नियम पास किया था। इसी कड़ी में ऐसे पुलिसवालों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई थी जो अपने क्षेत्र में शराबबंदी को प्रभावी रूप से लागू नहीं करवा पाएंगे।