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Bihar: भागलपुर के निजी अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा, प्रबंधन पर ठगी का आरोप

Mon, 17 Apr 2023 07:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 17 Apr 2023 07:59 PM IST
सार

मृतका के बेटे जितेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनसे फिर 23 हजार रुपये मांगे गए। कारण पूछे जाने पर बताया गया कि इलाज में खर्च बढ़ गया है। वहीं, मां के इलाज को लेकर जितेंद्र ने शेष रुपये अस्पताल वालों को दे दिए। जबकि दोपहर को अंजनी देवी की मौत की खबर परिजनों दी गई। जितेंद्र ने आरोप लगाया कि उनकी मां को अस्पताल वालों ने मार दिया है और उनसे इलाज के नाम पर पैसों की ठगी की गई है।

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Relatives accused the management of cheating on the death of a patient in a private hospital in Bhagalpur
अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताते मृतका के परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के भागलपुर में सोमवार को आदमपुर चौक स्थित एक निजी अस्पताल में इलाजरत एक मरीज की मौत हो गई। इसके बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरातरी जैसा माहौल बना रहा। दरअसल, सुल्तानगंज के तिलकपुर निवासी अंजनी देवी पिछले 10 दिनों से शहर के आदमपुर स्थित तपस्वी नर्सिंग होम में इलाजरत थीं। वहां उनकी मौत हो जाने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।

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मृतका के बेटे जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी मां को जॉन्डिस की शिकायत थी। इससे पहले किसी दूसरे निजी अस्पताल में दिखाने के बाद वह अपनी मां को तपस्वी अस्पताल में ले आया। जहां डॉक्टर पिछले 10 दिनों से अंजनी देवी का इलाज कर रहे थे। जितेंद्र कुमार ने बताया कि अंजनी देवी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू वार्ड में शिफ्ट करने की सलाह दी। उसका खर्च परिजन के मुताबिक 12 हजार रुपये बताया गया था। वहीं, लगभग तीन दिन इलाज करने के बाद चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति में सुधार होने की बात कही थी।
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अस्पताल की ओर से दिया गया बिल

परिजन के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनसे फिर 23 हजार रुपये मांगे गए। कारण पूछे जाने पर बताया गया कि इलाज में खर्च बढ़ गया है। वहीं, मां के इलाज को लेकर जितेंद्र ने शेष रुपये अस्पताल वालों को दे दिए। जबकि दोपहर को अंजनी देवी की मौत की खबर परिजनों दी गई। मौत की खबर सुनकर परिजनों सहित अन्य गांव वाले भी अस्पताल पहुंच गए और घेराव कर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध करने लगे। मृतका के पुत्र ने कहा कि उनकी मां को अस्पताल वालों ने मार दिया है। और उनसे इलाज के नाम पर पैसों की ठगी की गई है।
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इससे एक महीने पहले इसी अस्पताल में इलाजरत एक मरीज की मौत होने पर उसके परिजनों ने भी काफी हंगामा किया था। वहीं, मीडिया कर्मी द्वारा अस्पताल प्रबंधन से इसका कारण पूछे जाने पर बदसलूकी भी की गई थी।


घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस अस्पताल वालों से पूछताछ कर रही है। जबकि अस्पताल वालों का कहना है कि उन्होंने किसी प्रकार की कोई ठगी नहीं की है। उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।

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