राजस्थान: जयपुर मेयर की कुर्सी के लिए मतदान शुरू, निगम गेट पर सियासी ड्रामा; रफीक खान धरने पर बैठे
जयपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान से पहले निगम मुख्यालय के बाहर सियासी हलचल देखने को मिली। कांग्रेस विधायक रफीक खान को निगम परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद वे पार्षदों के साथ निगम गेट पर धरने पर बैठ गए।
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जयपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हो गया। मतदान से पहले ही नगर निगम मुख्यालय के बाहर सियासी हलचल तेज हो गई। कांग्रेस विधायक रफीक खान को निगम परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद वह पार्षदों के साथ निगम गेट पर धरने पर बैठ गए। वहीं, भाजपा और कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीदवार भी निगम पहुंच गए। दोनों प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए पार्षदों से विवेक और अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करने की अपील की।
निगम पहुंचे भाजपा और कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी
मेयर पद के लिए भाजपा ने सुनील कोठारी को और कांग्रेस ने सुनीता गुप्ता मावर को प्रत्याशी बनाया है। दोनों उम्मीदवार मतदान से पहले नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी-अपनी जीत का दावा किया और कहा कि पार्षद अपने विवेक और अंतरात्मा की आवाज के आधार पर मतदान करेंगे।
बगरू के भाजपा पार्षद बस से पहुंचे निगम
मेयर चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने पार्षदों को समूह में नगर निगम मुख्यालय पहुंचाया। बगरू विधानसभा क्षेत्र के भाजपा पार्षदों को बस के जरिए निगम मुख्यालय लाया गया। निगम पहुंचने के बाद कुछ पार्षदों ने गेट पर माथा टेका और इसके बाद मतदान के लिए अंदर गए। भाजपा पार्षदों के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से भी समूह में निगम पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। विद्याधर नगर, झोटवाड़ा और सांगानेर क्षेत्र के पार्षदों को आठ-आठ के समूह में मतदान के लिए सभा भवन की ओर भेजा गया।
कांग्रेस पार्षद भी मतदान के लिए पहुंचे
किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस पार्षद भी मतदान के लिए नगर निगम पहुंचे। वहीं, भाजपा की पार्षद पलक यादव मतदान के लिए जाते समय विक्ट्री साइन दिखाती नजर आईं। डिप्टी मेयर पद के संभावित दावेदार राजेंद्र सैनी ने भी भाजपा की जीत का दावा किया।
150 पार्षद करेंगे मेयर का चुनाव
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। हालिया चुनाव में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय 15 पार्षद चुने गए हैं। मेयर चुनाव में बहुमत के लिए 76 वोट की जरूरत है। इस लिहाज से भाजपा के पास बहुमत के आंकड़े से दो पार्षद अधिक हैं। हालांकि मेयर का चुनाव पार्षदों के मतदान से होना है, इसलिए 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी चर्चा में है। कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से 19 सीट पीछे है। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने पर जोर दे रहे हैं। मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।