राजस्थान: चुनाव आयोग पर डोटासरा का हमला, ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग; 28 सितंबर को जयपुर में प्रदर्शन
राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची से जुड़े बदलाव और पश्चिम बंगाल के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से 10 महीनों में 14 आपत्तियां दर्ज किए जाने का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग की।
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राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डोटासरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार चुनाव आयोग को प्रभावित कर चुनाव प्रक्रिया में जनमत के साथ छेड़छाड़ कर रही है। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है।
10 महीनों में 14 बार आपत्ति का दावा
डोटासरा ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के दोनों चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर 14 बार आपत्तियां दर्ज कराईं। मीडिया रिपोर्टों में भी दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 लिखित आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। डोटासरा के मुताबिक, ये आपत्तियां मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जारी किए जाने वाले प्रपत्र संख्या छह में बदलाव, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की केंद्रीयकृत व्यवस्था तथा पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद बहाल किए गए मतदाताओं से जुड़े मामलों को लेकर थीं।
'चुनाव आयोग में बहुमत के आधार पर हों फैसले'
डोटासरा ने कहा कि चुनाव आयोग में निर्णय सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर होने चाहिए। उनका आरोप है कि चुनाव संबंधी व्यवस्था में एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की पहुंच हटाकर केंद्रीयकृत व्यवस्था लागू की गई है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त हैं।
पश्चिम बंगाल के एसआईआर को लेकर भी सवाल
पश्चिम बंगाल में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण का जिक्र करते हुए डोटासरा ने दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और बाद में बड़ी संख्या में नाम बहाल किए गए। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी समीक्षा जरूरी है। डोटासरा ने चुनाव आयोग के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े प्रकाशित स्पष्टीकरणों के अनुसार आयोग के फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति में लिए जाने की बात कही गई है।
राजस्थान निकाय चुनावों में परिसीमन पर आरोप
डोटासरा ने राजस्थान के निकाय चुनावों को लेकर भी भाजपा सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनावों के परिसीमन में नियमों का उल्लंघन हुआ है और कई शहरों में अलग-अलग वार्डों के बीच मतदाताओं की संख्या में बड़ा अंतर है। इस दौरान उन्होंने जोधपुर, अजमेर, जयपुर, कोटा और भरतपुर के वार्डों के आंकड़ों का भी हवाला दिया।
पार्षदों की बाड़ाबंदी में पुलिस हस्तक्षेप का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्षदों की बाड़ाबंदी के दौरान पुलिस हस्तक्षेप और पार्षदों को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर पार्षदों को हिरासत में लेने और धनबल के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आई हैं। डोटासरा ने जयपुर, झुंझुनूं, राजसमंद, झालावाड़, नीमराना, कोटपूतली, डेगाना, टोंक, सीकर, अजमेर, अलवर समेत अन्य स्थानों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
28 सितंबर को जयपुर में प्रदर्शन का ऐलान
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों को लेकर 28 सितंबर 2026 को जयपुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करेंगे। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटियों की ओर से भी प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, उनकी गिरफ्तारी और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शी समीक्षा करना शामिल है। चुनाव आयोग से जुड़े विवाद में विपक्षी दलों की ओर से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पहले भी सामने आई है।