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Bihar News: बिहार में अब यहां बनेगा 2400 मेगावाट का नया थर्मल पावर प्लांट, 2030 तक बिजली उत्पादन की संभावना

Fri, 07 Feb 2025 06:03 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 07 Feb 2025 06:03 PM IST
सार

Pirpainti Thermal Power Plant: भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावाट का नया थर्मल पावर प्लांट बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इस प्लांट में 2030 तक बिजली उत्पादन की संभावना जताई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर...।

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Bhagalpur News: A new 2400 MW thermal power plant will be built in Pirpainti, electricity production likely by
थर्मल पावर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार सरकार ने राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2400 मेगावाट क्षमता वाले नए थर्मल पावर प्लांट की स्थापना को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। यह भागलपुर जिले का दूसरा थर्मल पावर प्लांट होगा, जहां पहले से ही एनटीपीसी का कहलगांव थर्मल पावर प्लांट (2300 मेगावाट) संचालित हो रहा है। हालांकि इस नई परियोजना को पूरा होने में अभी समय लगेगा और उम्मीद की जा रही है कि 2030 तक यह प्लांट बिजली उत्पादन शुरू कर देगा।

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बिहार की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा नया थर्मल प्लांट
बिहार में औद्योगिकीकरण और बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह थर्मल पावर प्लांट बिहार के लिए स्वच्छ और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करेगा और साथ ही राज्य के औद्योगिक विकास में भी मदद करेगा। इस परियोजना को लेकर बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) ने पूरी तैयारी कर ली है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब पर्यावरणीय मंजूरी एवं निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी है।
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परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

  • कुल क्षमता: 2400 मेगावाट
  • परियोजना स्थल: पीरपैंती, भागलपुर, बिहार
  • अनुमानित लागत: लगभग 20,000 करोड़ रुपये
  • भूमि अधिग्रहण: 1020.60 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है
  • कोयला आपूर्ति: झारखंड के राजमहल कोल ब्लॉक से होगी
  • बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावित तिथि: 2030

 
परियोजना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पीरपैंती में थर्मल पावर प्लांट लगाने की परिकल्पना 2006 में की गई थी। लेकिन यह योजना कई वर्षों तक लंबित रही।

  • 2014: राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
  • 2008: कैबिनेट ने प्रोजेक्ट को सौर ऊर्जा परियोजना में बदलने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में इसे थर्मल पावर प्रोजेक्ट के रूप में पुनः मान्यता दी गई।
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  • 2023: सरकार ने पुनः थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया और परियोजना को नए सिरे से मंजूरी दी गई।
  • 2024: परियोजना से संबंधित कई औपचारिकताओं को पूरा किया गया और 21,400 करोड़ रुपये की बजटीय मंजूरी मिली।

 
पर्यावरणीय स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया
थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। वर्तमान में बीएसपीएचसीएल पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। इस परियोजना के लिए मेसर्स डेजिन प्राइवेट लिमिटेड नामक एजेंसी से प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पीरपैंती में 800 मेगावाट की तीन यूनिटें स्थापित की जाएंगी। प्लांट निर्माण के लिए किसी ठेकेदार या एजेंसी का चयन अभी नहीं हुआ है। जैसे ही पर्यावरणीय स्वीकृति मिलती है, सरकार टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगी और निर्माण एजेंसी को नियुक्त करेगी।

 
राजमहल कोल ब्लॉक से कोयला आपूर्ति, 2029 से शुरू होगा उपयोग
इस थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला आपूर्ति का बड़ा सवाल भी हल कर लिया गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए झारखंड के राजमहल कोल ब्लॉक से कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की है। 2029 से राजमहल कोल ब्लॉक से 60 मिलियन मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन शुरू होगा, जिसमें से 12 मिलियन मीट्रिक टन कोयला पीरपैंती थर्मल प्लांट को मिलेगा। इससे प्लांट को बिना किसी बाधा के कोयला आपूर्ति मिलती रहेगी।
 
स्थानीय लोगों को रोजगार और विकास की उम्मीद
पीरपैंती में इस थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे। इस परियोजना के निर्माण कार्य में हजारों मजदूरों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी। स्थानीय लोग इस परियोजना को क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। बिजली उत्पादन बढ़ने से बिहार में औद्योगिकीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
 
हालांकि कुछ लोग पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंतित हैं। थर्मल पावर प्लांट के कारण वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण की समस्या हो सकती है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सभी पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा और पावर प्लांट के आसपास हरियाली बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।

 
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान हो सकता है शिलान्यास
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को भागलपुर के दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास किए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए, सरकार इस परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक कागजात को जल्द पूरा करने में जुटी है। अगर शिलान्यास इसी महीने हो जाता है, तो यह बिहार के लिए ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक बड़ा कदम होगा।
 
2023-24 के बजट में 21,400 करोड़ रुपये की स्वीकृति
इस परियोजना के लिए 2023-24 के केंद्रीय बजट में 21,400 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। सरकार ने इस राशि का उपयोग भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित किया है। अब तक 1,020.60 एकड़ भूमि अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है, जिसमें करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह भूमि पीरपैंती अंचल के हरिणकौल, श्रीमतपुर, रायपुरा, सुंदरपुर और टुंडवा-मुडवा मौजा से अधिग्रहित की गई है। अभी तक थर्मल प्लांट के निर्माण के लिए किसी एजेंसी का चयन नहीं किया गया है। हालांकि बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) इस पूरी परियोजना की देखरेख कर रही है।

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