बिहार की राजनीति में भूचाल ला देगी ये खास रिपोर्ट
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कांग्रेस नेता मंजीत आनंद कहते हैं कि रिपोर्ट आने के बाद ही राय जाहिर करेंगे। सबसे ज्यादा दुविधा राजद को है, इसलिए वो बेहद सधी हुई प्रतिक्रिया दे रही है।
राजद विधायक दल के नेता अब्दुलबारी सिद्दीकी का कहना है राजद को इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। फाइनल रिपोर्ट आई है। कार्रवाई रिपोर्ट आने दीजिए। हम सब पीड़ितों के लिए न्याय चाहते हैं।
अक्तूबर 1989 में हुए इस सांप्रदायिक दंगे में 800 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इन में अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के थे। उस वक्त बिहार में कांग्रेस का शासन था।
भागलपुर जांच रिपोर्ट पर सियासत की जमीन तैयार
भागलपुर दंगा न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट बिहार में नई सियासत की जमीन तैयार करने की तैयारी में है। घटना के दो दशक बाद आई इस रिपोर्ट को राज्य सरकार तीन अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखने जा रही है।
कुल 14 बार विस्तार पाने के बाद पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एनएन सिंह ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को इसी साल सौंपी है। भागलपुर में 1989-90 में भीषण दंगा हुआ था। 1990 में लालू प्रसाद जब मुख्यमंत्री बने तो इस दंगे की जांच शुरू हुई पर इसमें कुछ खास प्रगति नहीं हुई।
आरोप लगा कि लालू अपने लोगों का नाम सामने आने के कारण जांच को कमजोर कर रहे हैं। 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने अपनी सरकार बनने के दो महीने बाद फरवरी 2006 में दंगे की जांच के लिए आयोग बनाया और दंगे में हताहत हुए आश्रितों के लिए पेंशन की स्कीम शुरू की।
नीतीश सरकार मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में करेगी पेश
दरअसल नीतीश कुमार ने इस आयोग का गठन ही इस आधार पर किया था कि राजद के शासन काल के दौरान दंगा पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हुआ। आज जिनके कारण इस आयोग का गठन हुआ और जिन्होंने इस आयोग का गठन किया, दोनों एक साथ खड़े हैं।
ऐसे में बिहार की सियासत में इस रिपोर्ट पर हंगामा तय माना जा रहा है। यही कारण है कि राजनीतिक गलियारे में इस रिपोर्ट के सामने आने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से पहले ही भाजपा ने इसको लेकर तेवर तीखे कर लिए हैं।
पूर्व मंत्री व भाजपा नेता प्रेम कुमार का कहना है कि लालू ने अपने लोगों को फंसता देख आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की थी, देखना है कि अब दोनों साथ हैं, तो आरोपियों को कितनी राहत मिलती है। कांग्रेस इस पूरे मामले पर वेट एंड वाच की स्थिति में है।