अररिया गैंग रेप केस: रेप सर्वाइवर के दो सहयोगियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
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बीती छह जुलाई को एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म हुआ। जिसकी रिपोर्ट रेप सर्वाइवर ने अररिया महिला थाना में सात जुलाई को की। महिला थाने में कांड संख्या 59/2020, भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (डी) के तहत दर्ज इस एफआईआर में जिक्र है कि मोटरसाइकिल सिखाने के बहाने उसको साहिल नाम के एक परिचित लड़के ने बुलाया। साहिल, रेप सर्वाइवर को एक सुनसान जगह ले गया, वहां पहले से मौजूद चार अज्ञात पुरूषों ने उनके साथ दुष्कर्म किया। एफआईआर के मुताबिक रेप सर्वाइवर ने साहिल से मदद मांगी, लेकिन साहिल वहां से भाग गया।
घबराई रेप सर्वाइवर, अररिया में काम करने वाले जन जागरण शक्ति संगठन (जे.जे.एस.एस) के सदस्यों की मदद से अपने घर पहुंची। मगर जब उन्हें अपने घर में भी असहज लगा तो रेप सर्वाइवर अपना घर छोड़कर जन जागरण शक्ति संगठन के सदस्यों के साथ ही रहने लगीं। सात और आठ जुलाई को उसकी मेडिकल जांच हुई। जिसके बाद 10 जुलाई को 164 का बयान दर्ज कराने के लिए रेप सर्वाइवर को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुस्तफा शाही के कोर्ट में ले जाया गया।
न्यायिक दंडाधिकारी के साथ अभद्रता का आरोप
जन जागरण शक्ति संगठन द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, रेप सर्वाइवर और जन जागरण शक्ति संगठन के कार्यकर्ता 10 जुलाई को तकरीबन एक बजे कोर्ट पहुंचे। वहां इन लोगों ने कॉरीडोर में इंतजार किया जहां बैठने और पंखे की कोई व्यवस्था नहीं थी। उस वक्त केस का एक अभियुक्त भी वहीं मौजूद था। तकरीबन चार घंटे के इंतजार के बाद रेप सर्वाइवर का बयान दर्ज हुआ।
रिलीज के मुताबिक, '164 के बयान के बाद जब उन्हें न्यायिक दंडाधिकारी ने बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा, तो वो (रेप सर्वाइवर) उत्तेजित हो गईं। उन्होंने उत्तेजना में कहा कि मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है, आप क्या पढ़ रहे हैं, मेरी कल्याणी दीदी को बुलाइए।' बाद में, केस की जांच अधिकारी को बुलाया गया, तब रेप सर्वावइवर ने बयान पर हस्ताक्षर किए। बाहर आकर रेप सर्वावइवर ने जेजे एसएस के दो सहयोगियों तन्मय निवेदिता और कल्याणी बडोला से तेज आवाज में पूछा कि 'तब आप लोग कहां थे, जब मुझे आपकी जरूरत थी।'
बाहर से आ रही तेज आवाजों के बीच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने कल्याणी को अंदर बुलाया। कल्याणी ने रेप सर्वावइवर का बयान पढ़कर सुनाए जाने की मांग की। जिसके बाद वहां हालात तल्ख होते चले गए। तकरीबन शाम पांच बजे कल्याणी, तन्मय और रेप सर्वाइवर को हिरासत में लिया गया और 11 जुलाई को जेल भेज दिया गया था।
महिला संगठनों, वकीलों ने की थी रिहाई की मांग
इस घटना के सामने आने के बाद बिहार के महिला संगठनों ने रेप सर्वाइवर और जन जागरण शक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की है। इसके अलावा देश भर के वकीलों और 63 संस्थाओं ने पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर रेप सर्वाइवर और उनके दो सहयोगियों को रिहा करने की मांग की थी। पत्र में रेप सर्वावइवर के दुष्कर्म मामले में भी न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने की मांग की थी। जिसके बाद पटना उच्च न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए 17 जुलाई को सुनवाई की तारीख रखी थी, लेकिन बाद में अररिया सीजेएम आनंद कुमार सिंह की कोर्ट ने इस मामले में विशेष सुनवाई करते हुए रेप सर्वाइवर को पीआर बॉन्ड पर जमानत दे दी थी।