नाव हादसे पर सियासत: पप्पू यादव ने राज्यपाल से मिलकर क्या बात की? सम्राट चौधरी सरकार भी आरोप लगाया
वैशाली में नाव हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर आज पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने लोकभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने नाव हादसे को लेकर कई सवाल उठाए। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ और विभिन्न हादसों से हुई मौतों को लेकर राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने दावा किया कि बाढ़, सांप काटने और नाव पलटने की घटनाओं में राज्य में करीब 300 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दिए जा रहे चार लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए इसे बढ़ाकर 10-10 लाख रुपये करने की मांग की। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मृतकों के परिजनों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से केंद्र और बिहार सरकार के बीच समन्वय कर बाढ़ प्रभावित करीब 56 लाख लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की अपील की।
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नाव हादसों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
सांसद ने नाव हादसों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि रात में भी नावों का परिचालन हो रहा है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उनके मुताबिक, कई जगहों पर लाइफ जैकेट और सरकारी नावों की कमी है। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बाढ़ के कारण छपरा में 40 लोगों की मौत होने का दावा किया। साथ ही मकेर, पानापुर, परसा, अमनौर, तरैया और बेतिया में भी मौतों का जिक्र किया। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
बांध टूटने और पुल निर्माण की जांच की मांग
पप्पू यादव ने बिहार में करीब 26 जगहों पर बांध टूटने का दावा करते हुए निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने श्रीराम कंपनी, सिंगला और अन्य संबंधित कंपनियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि बांधों और पुलों से जुड़ी घटनाओं में जिम्मेदार कंपनियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने विक्रमशिला पुल को पर्व और दुर्गा पूजा के समय बंद किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। सांसद ने पुलों और बांधों की स्थिति की जांच कर सुरक्षा से जुड़े जरूरी कदम उठाने की मांग की।
56 लाख बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा का मुद्दा
सांसद ने राज्यपाल से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रशासनिक तैयारी और राहत व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि आपदा और दुर्घटना के समय सरकार के लोग मौन रहते हैं, जबकि नेता चुनाव के दौरान जनता के बीच पहुंचते हैं। उन्होंने एमएलसी चुनाव के प्रचार में व्यस्त नेताओं पर भी निशाना साधा।
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युवाओं के रोजगार और डोमिसाइल नीति की मांग भी उठाई
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान पप्पू यादव ने बिहार के युवाओं के रोजगार, शिक्षा केंद्रों, कॉलेजों और नियुक्ति नियमावली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बिहार के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के लिए 80 से 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को अपनी तरफ से साथ आने का न्योता दिया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी साथ आने का आमंत्रण दिया। पप्पू यादव ने दावा किया कि अगली बार उनकी सरकार बनने जा रही है। राज्यपाल से मुलाकात के बाद सांसद ने कहा कि वह राघोपुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे हैं।