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Bihar: मुजफ्फरपुर में हत्याकांड मामले में 37 साल बाद मिली सजा; पांच को उम्रकैद तो तीन को हुई सात साल की जेल
Fri, 22 Sep 2023 08:14 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 22 Sep 2023 08:14 PM IST
सार
Bihar News: मुजफ्फरपुर के विशुनपुर होरिल गांव हत्याकांड और मारपीट के मामले में कोर्ट ने 37 साल बाद फैसला सुनाया है। अदालत में आठ लोगों को दोषी पाया गया, जिनमें से पांच दोषियों को उम्रकैद और तीन दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर के बरुराज थाना के विशुनपुर होरिल गांव में 37 साल पहले हुई हत्या और मारपीट मामले में एडीजे-1 नमिता सिंह ने आठ दोषियों को सजा सुनाई। हत्याकांड में विशुनपुर होरिल निवासी शिवचंद्र चौधरी (94), जितेंद्र तिवारी (74), कमलेश्वर चौधरी (75), अशोक चौधरी (65) और बजरंगी तिवारी (71) को आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्याकांड में आजीवन करावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माना और आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। सभी सजा साथ-साथ चलेंगी।
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लोक अभियोजक संगीता शाही ने बताया कि आठ गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी थी। मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने तीन दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 26 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। इसमें विशुनपुर निवासी उमेश चौधरी उर्फ प्रमोद चौधरी, रमेश चौधरी और वीरेंद्र चौधरी शामिल हैं। एपीपी डॉक्टर संगीता शाही ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा।
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जानकारी के मुताबिक, 1986 में बरुराज थाना क्षेत्र के विशुनपुर होरिल गांव में आपसी विवाद में बैद्यनाथ चौधरी के बेटे विनोद चौधरी की उनके सामने ही गोलीमार हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद बैद्यनाथ चौधरी के बयान पर बरुराज थाने में गांव के ही राजदेव तिवारी, जितेंद्र, कमलेश्वर, शिवचंद्र, अशोक और बजरंगी पर एफआईआर की गई थी। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से बरुराज थाना क्षेत्र के रामचंद्र चौधरी के बयान पर एफआईआर हुई थी। इसमें विशुनपुर निवासी वीरेंद्र चौधरी, रमेश चौधरी, उमेश चौधरी सहित 12 लोगों पर मारपीट और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने विशुनपुर निवासी रमेश, वीरेंद्र और उमेश को भी दोषी करार दिया था।
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