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दिमागी बुखार से अब तक 56 बच्चों की मौत से दहशत में बिहार, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Tue, 11 Jun 2019 10:25 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Tue, 11 Jun 2019 10:25 PM IST
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56 Children died in Bihar due to Acute Encephalitis Syndrome or chamki fever, Know about Symptoms
मुजफ्फरपुर में दिमारी बुखार से पीड़ित बच्चे - फोटो : PTI

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार तक घातक ' दिमागी बुखार (चमकी बुखार)' से 25 बच्चों की मौत हो गई। एक हफ्ते में इस बीमारी ने 56 बच्चों की जान ले ली है। बुखार से पीड़ित 100 बच्चे जिले के एसकेएमसीएच अस्पताल में भर्ती हैं। हालात इतने खराब हैं कि अस्पताल के दोनों पीआईसीयू यूनिट भरे हुए हैं। बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके चलते अस्पताल तीसरी यूनिट खोलने की तैयारी में है। अस्पताल में अकेले समोवार को ही 20 बच्चों की जान चली गई। डॉक्टरों का कहना है कि इस बुखार से पीड़ित बच्चों की उम्र चार से पंद्रह साल के बीच है।

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कहां-कहां है बीमारी का प्रकोप?

डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का प्रकोप उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली में है। अस्पताल पहुंचने वाले पीड़ित बच्चे इन्हीं जिलों से हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि बुखार से बच्चों की मौत का मामला गंभीर है। साथ ही स्वास्थ्य सचिव भी नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है।

क्या हैं लक्षण?

एईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। इससे पीड़ित बच्चों को तेज बुखार आता है और शरीर में ऐंठन होती है। इसके बाद बच्चे बेहोश हो जाते हैं। मरीज को उलटी आने और चिड़चिड़ेपन की शिकायत भी रहती है।

बीमारी अगर बढ़ जाए तो ये लक्षण नजर आते हैं-

  • बिना किसी बात के भ्रम उत्पन्न होना।
  • दिमाग संतुलित न रहना।
  • पैरालाइज हो जाना।
  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • बोलने और सुनने में समस्या
  • बेहोशी आना।

एसकेएमसीएच अस्पताल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी का कहना है कि इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक साल 2012 में इस बुखार से 120 बच्चों की मौत हुई थी।

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