बिहार के एक विधायक और दो पूर्व सांसदों को जेल
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बिहार की सीतामढ़ी जिला अदालत ने करीब 17 साल पुराने एक गोलीकांड में गुरूवार दो पूर्व सांसद और एक वर्तमान विधायक समेत 15 लोगों को सजा सुनाई गई है। न्यायाधीश इरशाद अली ने एक को छोड़ सभी दोषियों को दस-दस साल की जेल की सजा सुनाई। इन लोगों पर 38 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
जिन पूर्व सांसदों को सजा सुनाई उनके नाम हैं नवल किशोर राय और अनवारुल हक़। सीतामढ़ी जिले के परिहार से वर्तमान विधायक रामनरेश यादव भी दोषियों में शामिल हैं। नवल किशोर राय जनता दल यूनाइटेड, अनवारुल हक राष्ट्रीय जनता दल और रामनरेश यादव भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी दोषियों को मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। अदालत ने दो जून को इस मामले में 15 लोगों को दोषी करार दिया था जबकि सबूत के अभाव में 40 लोगों को न्यायालय ने बरी कर दिया था।
हत्या के प्रयास में दोषी
मामले के लोक अभियोजक अरुण कुमार सिंह ने बताया, ‘‘अदालत ने अभियुक्तों को मुख्यतः कलेक्ट्रट पर हमला कर सरकारी अधिकारियों को गंभीर चोट पहुंचाने और उनकी हत्या की कोशिश करने का दोषी पाया।’’ बचाव पक्ष के वकीलों में से एक विमल शुक्ला ने कहा, ‘‘निचली अदालत ने फैसला सुनाते हुए बहुत से तथ्यों को नजरअंदाज किया है। अलग-अलग आरापों में अभियुक्त बनाए गए लोगों को एक जैसी सजा दी गई है।’’
गोलीकांड
ग्यारह अगस्त, 1998 को सीतामढ़ी कलेक्ट्रेट के पास बाढ़ राहत की मांग को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। हालात को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी रामनंदन प्रसाद ने पहले पुलिस को आंसू गैस छोड़ने और लाठीचार्ज का आदेश दिया। इसके बाद भी स्थिति नियंत्रण में न आने पर जिलाधिकारी ने पुलिस को गोली चलाने के आदेश दिए थे। पुलिस की गोली से तत्कालीन विधायक रामचरित्र राय समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।