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कमलनाथ सरकार का फरमान , मध्यप्रदेश में स्थानीय लोगों को 70 फीसदी रोजगार देना जरूरी
Tue, 05 Feb 2019 06:39 PM IST
अमित मंडल
भाषा, भोपाल
भाषा, भोपाल
Published by: अमित मंडल
Updated Tue, 05 Feb 2019 06:39 PM IST
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Kamalnath
- फोटो : social media
मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने उद्योगों के लिए 70 प्रतिशत रोजगार राज्य के स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य कर दिया है। एमपी सरकार की यह घोषणा उस वक्त हुई है, जब कांग्रेस सहित अन्य दल इस मुद्दे को बड़ी जोर-शोर से उठा रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के दौरान देश में रोजगार के अवसर कम हुए हैं।
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मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने बताया कि यह नियम उन उद्योगों पर लागू होगा, जो राज्य सरकार की विभिन्न शासकीय योजनाओं, कर-छूट और अन्य प्रकार की सहायता जैसे सब्सिडी एवं सस्ती सरकारी जमीन का लाभ उठाते हुये राज्य में निवेश करते हैं।
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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को ट्विटर पर यह घोषणा करते हुए लिखा कि नवंबर 2018 में हुये मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने 'वचन पत्र' के वादों पर अमल करते हुए हमने राज्य सरकार द्वारा पोषित (शासकीय योजनाओं, कर-छूट और अन्य सहायता प्राप्त) सभी उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार मध्यप्रदेश के स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य कर दिया है।
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पिछले साल 17 दिसंबर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ ही घंटे बाद कमलनाथ ने भोपाल में कहा था कि मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली छूट का लाभ उठाने वाले उद्योगों को 70 प्रतिशत नौकरी मध्य प्रदेश के लोगों को देनी होगी।
इस दौरान उन्होंने कहा था कि बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लोगों के कारण मध्य प्रदेश में स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिल पाती है। हालांकि, कमलनाथ के इस बयान की भाजपा, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (यू) और समाजवादी पार्टी ने आलोचना की थी।
