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दोस्तों के धनुष से अभ्यास कर नेशनल चैंपियनशिप में लगाएंगे निशाना

Sat, 09 Apr 2016 11:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 09 Apr 2016 11:25 AM IST
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satendra atri chosen in paralympic championship, pratices with friends arch
तीरंदाज सतेंद्र अत्री - फोटो : अमर उजाला

निशक्तता को मात देते हुए फरीदाबाद के सतेंद्र अत्री ने खेल की दुनिया में अपना मुकाम बनाने की ठानी है। अर्जुन की तरह निशाना साधने वाले इस तीरंदाज को बड़ी कामयाबी मिली है।

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नेशनल पैरालंपिक तीरंदाजी चैंपियनशिप में सतेंद्र निशाना लगाते नजर आएंगे। आर्थिक रूप से कमजोर यह खिलाड़ी अपने दोस्तों के धनुष से तीरंदाजी का अभ्यास करता है।
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नेशनल चैंपियनशिप के लिए हरियाणा से सिर्फ चारखिलाडिय़ों का चयन हुआ हैं, जिनमें रोहतक के राजेश, भिवानी के कुलदीप, हिसार के सोनू और फरीदाबाद के सतेंद्र अत्री शामिल हैं। चैंपियनशिप अप्रैल के अंतिम सप्ताह में आयोजित होनी हैं।
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हालांकि, स्थान तय नहीं हो पाया है। इन दिनों सेक्टर-12 खेल परिसर में खुले आसमान के नीचे सतेंद्र अभ्यास करने में जुटे हुए है। उनके पास न तो प्रशिक्षण फीस देने के लिए पैसे हैं और न ही लाखों की कीमत वाले खेल उपकरणों को खरीदने की क्षमता। कुछ है, सिर्फ तीरंदाजी के प्रति उनका जोश, जुनून व जज्बा। उनके इस जज्बे को दोस्तों ने सहारा दिया है।

खेल परिसर में निशक्त सतेंद्र के कुछ ऐसे दोस्त हैं, जो उन्हें रोजाना एक घंटे के लिए अपना धनुष देते हैं। सतेंद्र बताते है कि उन्होंने आर्थिक मदद के लिए कई बार एमएलए, विधायक, खेल अधिकारी से संपर्क किया, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली। ऐसे वक्त में दोस्तों ने साथ दिया।

जब भी कोई दोस्त प्रशिक्षण के बीच में 10 से 15 मिनट के रालए आराम करता है, तो उस दौरान उनके धनुष से वह अभ्यास करते हैं। मोहना गांव में रहने वाले सतेंद्र के पिता के पास भी रोजगार नहीं है।


सतेंद्र बचपन में ही पोलियो ग्रस्त हो गए थे। वह 2013 से तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रहे है। इसके अलावा 2013-14 में एशियन गेम्स के लिए उन्होंने ट्रायल दिया था। 2014 मुंबई में हुए मयूर कप नेशनल तीरंदाजी में कांस्य पदक प्राप्त किया। 2015 में कानपुर में हुए राजीव गांधी खेल में उन्होंने तीरंदाजों को मात देकर रजत पदक प्राप्त किया।

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