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आशा की किरणः नूतन की मेहनत से सब्जी बेचने वाले का बेटा बना इंजीनियर
नेहा शर्मा/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 06 May 2016 03:27 PM IST
सार
परिचय
- नूतन चतुर्वेदी
- जन्म - 16 नवंबर 1965
- पेशा - शिक्षिका
- शिक्षा - एमए इंग्लिश, बीएड
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नूतन चतुर्वेदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नोएडा सेक्टर- 21 जलवायु विहार में रहने वाली 51 वर्षीय अंग्रेजी विषय की शिक्षिका नूतन चतुर्वेदी आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाकर उनका भविष्य संवार रही हैं, ताकि बड़े होकर ये बच्चे खुद के पैरों पर खड़े हो सकें।
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माता-पिता की मृत्यु के बाद से गरीब बच्चों को शिक्षा देना ही इन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। इनकी मेहनत और लगन की बदौलत सब्जी बेचने वाले के बेटे को अच्छी शिक्षा मिली और वह इंजीनियर बन गया।
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नूतन चतुर्वेदी ने बताया कि 2003 में मेरे माता- पिता ने फरीदाबाद में जन जागृति एजुकेशन एंड कल्चरल सोसायटी की स्थापना की थी। दोनों मिलकर गरीब बच्चों को पढ़ाते थे। मेरी मां मुझे भी सामाजिक कार्यों से जुड़ने केलिए प्रेरित करती थीं।
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उस दौरान मैं अपने काम में व्यस्त रहती थी, इसलिए कम समय दे पाती थी। वर्ष 2013 में दोनों की मृत्यु हो गई। उसके बाद मुझे अपने माता-पिता का सपना साकार करना था। मैंने नोएडा में ही जन जागृति एजुकेशन एंड कल्चर सोसायटी की स्थापना की। जहां पर मैं गरीब बच्चों को पढ़ाती हूं।
नूतन खुद चार बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रही हैं। ये बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। बकौल नूतन इंग्लिश की टीचर होने के कारण बच्चों की इंग्लिश पर ज्यादा ध्यान देती हूं, ताकि बड़े होकर वे अच्छी जॉब पा सकें। इस काम में मेरी बेटियां भी मदद करती हैं।
नूतन ने बताया कि एक बच्चा इंजीनियरिंग का डिप्लोमा लेकर इंजीनियर बन चुका है। उसके पापा सब्जी बेचते थे। मुझे बहुत खुशी होती है जब कोई बच्चा कामयाब होता है।
अब मैं इसी कोशिश में लगी रहती हूं कि सभी बच्चे अच्छी जगह पर पहुंच जाए, ताकि मेरे मां-बाप का सपना पूरा हो सके। वह जल्द ही लड़कियों के लिए सिलाई सेंटर शुरू करने जा रही हैं। यहां कम पढ़ी लिखी लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वो अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।