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यह है तीन युवाओं की कहानी, मुफ्त में सलाह देते-देते बन गए बिजनेसमैन, लाखों का टर्नओवर

Mon, 24 Oct 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 24 Oct 2016 01:22 AM IST
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delhi youngsters making money by doing startup

पहले ब्लॉग के माध्यम से लोगों को कानून से जुड़ी रोचक जानकारियां देने लगे। इसके बाद व्हाट्सएप पर जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में कानूनी परामर्श देने लगे।लोग अधिक जुडने लगे तो एक मंच उपलब्ध कराने के बारे में सोचा। दिल्ली के गे्रटर कैलाश में रहने वाले तीन युवाओं ने स्टार्टअप इंडिया से प्रेरित होकर पॉकेट लॉयर नाम से एक वेबसाइट तैयार की।

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अधिवक्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ मेट्रो सिटी के लोगों को कानूनी परामर्श की सुविधा देने का काम शुरू किया। महज छह माह में दस लाख रुपये का कार्य कर तीन लाख रुपये की आय प्राप्त की। 
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निशांत, संचित एवं अभिनव में वकालत की पढ़ाई के बाद कुछ अलग कार्य करने की इच्छा थी। आम जिंदगी में लोगों को अपने आवश्यक कार्य के लिए वकीलों की जरूरत पड़ती है।
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उसके लिए यहां वहां घूमना पड़ता है। उसे देखते हुए मेट्रो सिटी के लोगों को आसानी से अच्छे एवं अफोर्डेबल लॉयर उपलब्ध कराने का कार्य शुरू किया। इनकी पॉकेट लॉयर वेबसाइट से 1200 वकील जुड़े हुए है, जो मेट्रो सिटी दिल्ली एनसीआर के साथ मुंबई के लोगों को कानूनी-परामर्श दे रहे हैं। 

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संचित कहते हैं बंगलूरू में भी लॉयर को जोड़ा जा रहा है। निशांत कहते है कि दिसंबर 2015 में ब्लॉग शुरू किया। अच्छी प्रतिक्रिया मिलने पर 18 मई 2016 को स्टार्ट अप इंडिया के तहत वेबसाइट बनाई। इस वेबसाइट पर पांच सौ रुपये से लेकर आपकी सुविधा के अनुरूप वकील मिल जाएंगे। क्रिमिनन, टेक्स, डिवोर्स एवं घरेलू मामलों में वकीलों का परामर्श ऑनलाइन लिया जा रहा है। तीनों युवा फरीदाबाद कीमानव रचना इंटनेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित हुए स्टार्टअप सम्मेलन जलसा 2016 में भाग लेने पहुंचे थे।


अंचित ने प्रदूषण मुक्ति के लिए बनाई हाइड्रोजन किट
पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले अंचित अग्रवाल ने दुपहिया एवं चौपहिया वाहन के लिए हाइड्रोजन किट बनाई है। जिससे प्रदूषण कम होगा। किट बनाने का सफर दसवीं कक्षा से शुरू हो गया था। जब ऑटो पर बैठकर जा रहे थे उससे निकलने वाले धुएं से काफी परेशानी हुई। कॉलेज में दाखिला लेने पर किट बनाने का कार्य शुरू किया। 8 हजार रुपये खर्च कर किट तैयार की। गाड़ी की सीसी के अनुसार इसे घटाया बढ़ाया जा सकता है। इनके इस विचार को पर्यावरण क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों ने खूब सराहा। बताया जा रहा है कि हाईड्रोजन किट के इस्तेमाल से प्रदूषण का ग्राफ 60 से 70 फीसदी तक कम किया जा सकता है। 

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