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Car Tyre Tips: नए टायर पर क्यों लगे होते हैं रबर के छोटे-छोटे बाल? असल वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप
Wed, 22 Jul 2026 05:27 PM IST
जागृति
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Wed, 22 Jul 2026 05:27 PM IST
सार
Car Tyre Rubber Hairs: अगर आपने कभी नई कार, बाइक या स्कूटी के टायर को ध्यान से देखा होगा, तो उसमें छोटे-छोटे रबर के बाल जैसा कुछ होता है। कई लोगों को लगताा है कि ये टायर की मजबूती के लिए है। लेकिन क्या ऐसा वाकई में होता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण क्या है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
विस्तार
Tyre Manufacturing Process: गाड़ी चाहे दोपिया हो या चार-पहिया, नए टायर पर अक्सर बारीक रबर जैया कुछ लगा होता है, जो अक्सर लोगों का ध्यान खींचती है। इसे वेंट स्प्यूज या टायर निब्स कहा जाता है। इसके अलावा इन्हें स्प्रू नब्स, निप्पर्स या गेट मार्क्स के नाम से भी जाना जाता है।
अक्सर वाहन मालिक इन्हें देखकर सोचते हैं कि यह किसी खास सेफ्टी या ड्राइविंग तकनीक का हिस्सा हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ये केवल बिल्कुल नए टायरों में ही नजर आते हैं और सड़क पर गाड़ी के चलने के साथ-साथ फ्रिक्शन फोर्स की वजह से अपने आप घिसकर गायब हो जाते हैं।
टायरों पर कैसे बनते हैं ये रबर के बाल?
नए टायर पर उभरे ये रबर हेयर्स दरअसल टायर निर्माण की प्रक्रिया, जिसे वल्केनाइजेशन कहा जाता है, का सीधा परिणाम हैं।
इन रबर नब्स का काम क्या होता है?
तकनीकी रूप से देखें तो यह टायर बनाने के दौरान इन वेंट होल्स (छेदों) का होना बेहद जरूरी है:
क्या गाड़ी की परफॉर्मेंस पर पड़ता है इसका कोई असर?
कई लोग मानते हैं कि ये रबर के बाल गाड़ी को बेहतर ग्रिप या माइलेज देते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से एक भ्रम है:
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अक्सर वाहन मालिक इन्हें देखकर सोचते हैं कि यह किसी खास सेफ्टी या ड्राइविंग तकनीक का हिस्सा हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ये केवल बिल्कुल नए टायरों में ही नजर आते हैं और सड़क पर गाड़ी के चलने के साथ-साथ फ्रिक्शन फोर्स की वजह से अपने आप घिसकर गायब हो जाते हैं।
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टायरों पर कैसे बनते हैं ये रबर के बाल?
नए टायर पर उभरे ये रबर हेयर्स दरअसल टायर निर्माण की प्रक्रिया, जिसे वल्केनाइजेशन कहा जाता है, का सीधा परिणाम हैं।
- मोल्डिंग प्रक्रिया: कार या बाइक का टायर बनाते समय कच्चे रबर को एक विशेष डाई या मोल्ड के अंदर रखा जाता है।
- प्रेशर और हीट: रबर को मनचाहा आकार और मजबूती देने के लिए इस मोल्ड के भीतर अत्यधिक तापमान और हवा का भारी दबाव डाला जाता है।
- वेंट होल्स: मोल्ड के अंदर मौजूद हवा को बाहर निकालने के लिए छोटे-छोटे छेद बनाए जाते हैं।
- बाल बनने की वजह: जब अंदर से हवा का दबाव बढ़ता है, तो हवा के साथ-साथ थोड़ा सा पिघला हुआ रबर भी इन बारीक छेदों से बाहर की ओर निकल आता है। बाद में जब यह पिघला रबर ठंडा होकर जम जाता है, तो वह टायर की सतह पर छोटे-छोटे रबर हेयर्स का रूप ले लेता है।
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इन रबर नब्स का काम क्या होता है?
तकनीकी रूप से देखें तो यह टायर बनाने के दौरान इन वेंट होल्स (छेदों) का होना बेहद जरूरी है:
- हवा के बुलबुलों से बचाव: अगर मोल्डिंग के दौरान गर्म रबर के बीच हवा फंसी रह जाएगी, तो टायर के अंदर हवा के बुलबुले यानी एयर बबल्सबन जाएंगे। इससे टायर अंदर से कमजोर और खतरनाक हो सकता है।
- समान फैलाव की गारंटी: हवा बाहर निकलने से यह सुनिश्चित होता है कि पिघला हुआ रबर मोल्ड के हर एक कोने में अच्छी तरह फैल जाए।
- क्वालिटी: इसलिए नए टायर पर दिखने वाले ये रबर हेयर्स इस बात का संकेत होते हैं कि टायर का निर्माण पूरी मजबूती और सही विधि के साथ किया गया है।
क्या गाड़ी की परफॉर्मेंस पर पड़ता है इसका कोई असर?
कई लोग मानते हैं कि ये रबर के बाल गाड़ी को बेहतर ग्रिप या माइलेज देते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से एक भ्रम है:
- परफॉर्मेंस में शून्य योगदान: इन रबर नब्स का गाड़ी की स्पीड, रोड ग्रिप, ब्रेकिंग, सुरक्षा या माइलेज पर कोई सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
- केवल मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा: यह केवल टायर बनाने की औद्योगिक प्रक्रिया का एक प्राकृतिक अवशेष हैं।
- स्वचालित रूप से समाप्त: जैसे-जैसे आप अपनी गाड़ी चलाते हैं, सड़क के साथ होने वाले फ्रिक्शन से ये रबर हेयर्स अपने आप घिसकर खत्म हो जाते हैं।