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Old Vehicles: एक जुलाई से दिल्ली में पुरानी गाड़ियों का क्या होगा, क्या दूसरे राज्यों में चला पाएंगे?

Mon, 30 Jun 2025 01:26 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Mon, 30 Jun 2025 01:26 PM IST
सार

Old Vehicles Delhi: दिल्ली की सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाने की काफी समय से ही चल रही है। साल 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उसके बाद 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी गाड़ियों को हटाने को लेकर नियम बनाए। अब सवाल ये कि दिल्ली में बैन हो चुकी पुरानी गाड़ियों का क्या होगा? आइए जानते हैं।

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दिल्ली में पुराने वाहनों का क्या होगा? - फोटो : AI

विस्तार

दिल्ली में पुरानी कार चलाने वालों को 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। दिल्ली में EOL यानी "एंड-ऑफ-लाइफ" वाहनों की पहचान करने के लिए पेट्रोल पंपों को ANPR यानि ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरों से लैस कर दिया गया है। ये एंड-ऑफ-लाइफ डीजल और पेट्रोल गाड़ियों की पहचान करेंगे। फिर पेट्रोल पंप पर तैनात पुलिस या ट्रांसपोर्ट विभाग की टीमें इन गाड़ियों का चालान करेंगी या इन्हें सीधा जब्त कर लिया जाएगा। लेकिन इन सब के बीच सवाल ये उठ रहा है कि दिल्ली में पुरानी गाड़ियों का क्या होगा और क्या लोग इन गाड़ियों को दूसरे राज्यों बेच सकेंगे जहां यह नियम लागू नहीं है?
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किन गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल
आपको बता दें कि दिल्ली की सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाने की काफी समय से ही चल रही है। साल 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए सड़को से पुरानी और खटारा हो चुकी गाड़ियों को हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले का समर्थन करते हुए सरकार को आदेश दिया कि दिल्ली में 10 साल पूरा कर चुकी डीजल और 15 साल पूरा कर चुकी पेट्रोल गाड़ियों को हटाया जाए।
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हालांकि, ANPR जैसी तकनीक न होने के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। एक रिसर्च में पाया गया है कि बीएस 6 डीजल गाड़ियां बीएस 4 गाड़ियों की तुलना में 82% कम पार्टिकुलेट मैटर और 68% कम नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन करती हैं। इसलिए दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी गाड़ियों को बैन करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, यह नियम CNG से चलने वाली गाड़ियों पर लागू नहीं होगा। नए नियमों के अनुसार बीएस 2 और बीएस 3 उत्सर्जन मानकों पर चल रही गाड़ियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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इन गाड़ियों का क्या होगा? - फोटो : AI
कितना होगा चालान
जिन वाहनों की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, उनका पता लगाने के लिए दिल्ली में करीब 498 पेट्रोल पंपों पर ‘स्वचालित नंबर प्लेट पहचान' (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं। नियम के तहत 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे चार पहिया वाहन मालिकों पर 10,000 रुपये और दोपहिया वाहन मालिकों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

इन गाड़ियों का क्या होगा?
आपकी गाड़ी कितनी भी नई जैसी दिख रही हो, लेकिन अगर वह दिल्ली में समय सीमा पार कर चुकी है तो उसे चलाना गैरकानूनी माना जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि अब पुरानी गाड़ियों का क्या होगा? तो बता दें कि आप अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करवा सकते हैं। गाड़ी को स्क्रैप करवाने के लिए आपको सरकार से रजिस्टर्ड स्क्रैप सेंटर जाना होगा। वहां गाड़ी देने के बाद आपको एक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

दूसरा तरीका ये है कि आप दिल्ली के बाहर अपनी पुरानी गाड़ी उन राज्यों में बेच सकते हैं जहां यह नियम लागू नहीं है। बता दें कि यह नियम नोएडा, गाजियाबाद, फरिदाबाद, गुरुग्राम, आगरा, मथुरा जैसे शहरों में लागू नहीं है।
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