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Horn Sound: जल्द ही हॉर्न की आवाज बांसुरी और तबले जैसी हो सकती है, नितिन गडकरी का नया प्रस्ताव
Wed, 23 Apr 2025 02:09 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 23 Apr 2025 02:09 PM IST
सार
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक नया और दिलचस्प प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने कहा है कि वह ऐसा कानून लाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे गाड़ियों के तेज और कर्कश हॉर्न की जगह भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि सुनाई दे।
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Delhi Traffic
- फोटो : PTI
विस्तार
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक नया और दिलचस्प प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने कहा है कि वह ऐसा कानून लाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे गाड़ियों के तेज और कर्कश हॉर्न की जगह भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि सुनाई दे। हाल ही में दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने बताया कि भविष्य में गाड़ियों के हॉर्न से बांसुरी, तबला, वायलिन और हारमोनियम जैसी सुकून देने वाली आवाजें सुनाई दे सकती हैं।
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आवाज के प्रदूषण को कम करने की पहल
गडकरी ने इस पहल के पीछे की वजह भी समझाई। उनका कहना है कि सड़क किनारे होने वाला ध्वनि प्रदूषण कम करना बेहद जरूरी है ताकि लोगों को शहरी माहौल में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जैसे हम हवा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश करते हैं, वैसे ही अब हमें ध्वनि प्रदूषण को भी गंभीरता से लेना चाहिए। उनका मानना है कि शांत और स्वस्थ माहौल शहरों को रहने लायक बनाएगा।
यह भी पढ़ें - Elon Musk: 'पीएम मोदी से बात करना सम्मान की बात', एलन मस्क ने किया भारत आने का एलान
गडकरी ने इस पहल के पीछे की वजह भी समझाई। उनका कहना है कि सड़क किनारे होने वाला ध्वनि प्रदूषण कम करना बेहद जरूरी है ताकि लोगों को शहरी माहौल में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जैसे हम हवा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश करते हैं, वैसे ही अब हमें ध्वनि प्रदूषण को भी गंभीरता से लेना चाहिए। उनका मानना है कि शांत और स्वस्थ माहौल शहरों को रहने लायक बनाएगा।
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ट्रांसपोर्ट सेक्टर से 40% वायु प्रदूषण
गडकरी ने यह भी बताया कि भारत में लगभग 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। इसी वजह से सरकार ग्रीन मोबिलिटी यानी पर्यावरण के अनुकूल यातायात साधनों को बढ़ावा दे रही है। इसमें बायो-फ्यूल जैसे एथेनॉल और मीथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार ऐसे ट्रांसपोर्ट विकल्पों पर काम कर रही है जो पर्यावरण के लक्ष्यों के अनुरूप हों।
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गडकरी ने यह भी बताया कि भारत में लगभग 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। इसी वजह से सरकार ग्रीन मोबिलिटी यानी पर्यावरण के अनुकूल यातायात साधनों को बढ़ावा दे रही है। इसमें बायो-फ्यूल जैसे एथेनॉल और मीथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार ऐसे ट्रांसपोर्ट विकल्पों पर काम कर रही है जो पर्यावरण के लक्ष्यों के अनुरूप हों।
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भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार
गडकरी ने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की तेजी से बढ़ती ताकत पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि 2014 में भारतीय ऑटो सेक्टर की वैल्यू करीब 14 लाख करोड़ रुपये थी, जो आज बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इतना ही नहीं, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बनने का गौरव भी हासिल कर लिया है, जो अब सिर्फ अमेरिका और चीन से पीछे है।
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गडकरी ने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की तेजी से बढ़ती ताकत पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि 2014 में भारतीय ऑटो सेक्टर की वैल्यू करीब 14 लाख करोड़ रुपये थी, जो आज बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इतना ही नहीं, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बनने का गौरव भी हासिल कर लिया है, जो अब सिर्फ अमेरिका और चीन से पीछे है।
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