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Two-Wheeler Sales: मॉनसून का बढ़िया अनुमान, दोपहिया वाहन सेक्टर में खुशी की लहर

Sat, 19 Apr 2025 10:25 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 19 Apr 2025 10:25 PM IST
सार

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के इस बार के मॉनसून के लिए सामान्य से ज्यादा बारिश के अनुमान ने टू-व्हीलर सेक्टर में एक नई उम्मीद जगा दी है। 

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upcoming monsoon season forecast brings good news to two-wheeler sector
Two-Wheelers - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के इस बार के मॉनसून के लिए सामान्य से ज्यादा बारिश के अनुमान ने टू-व्हीलर सेक्टर में एक नई उम्मीद जगा दी है। बीते कुछ महीनों में जब टू-व्हीलर की मांग काफी धीमी हो गई थी और कंपनियों को ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर्स देने पड़ रहे थे, ऐसे समय में यह खबर राहत देने वाली है।
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जून से सितंबर तक अच्छी बारिश का अनुमान
आईएमडी के मुताबिक, जून से सितंबर तक होने वाली बारिश, जो देश की कुल सालाना बारिश का 75 प्रतिशत हिस्सा होती है और भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा इंजन मानी जाती है, इस बार लंबी अवधि के औसत का 105 प्रतिशत रहने की संभावना है।
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ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगी मांग
भारत में टू-व्हीलर की 55 प्रतिशत से ज्यादा मांग ग्रामीण इलाकों से आती है, जो खेती पर निर्भर करते हैं। जब मॉनसून अच्छा होता है, तो खेती का उत्पादन बढ़ता है और ग्रामीण इलाकों की आमदनी में इजाफा होता है। इससे विवेकाधीन खर्च यानी जरूरी चीजों के अलावा भी खरीदारी होती है, जिसमें टू-व्हीलर खरीदना भी शामिल है।

कंपनियों ने ली राहत की सांस
आईएमडी के इस सकारात्मक अनुमान के बाद टू-व्हीलर कंपनियों के बीच काफी राहत महसूस की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक टू-व्हीलर कंपनी के वरिष्ठ बिक्री अधिकारी ने कहा, "2023 में असल बारिश 96 प्रतिशत रही थी, लेकिन जो मुख्य क्षेत्र है जहां बारिश पर खेती ज्यादा निर्भर करती है, वहां 101 प्रतिशत बारिश हुई थी। उस साल टू-व्हीलर की बिक्री में 13 प्रतिशत की बढ़त हुई थी। पिछले साल भी ज्यादा बारिश हुई और बिक्री 9 प्रतिशत बढ़ी। तो साफ है कि अच्छी बारिश सीधे तौर पर टू-व्हीलर बिक्री को बढ़ावा देती है।"

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Two-Wheelers - फोटो : Adobe Stock
शहरी इलाकों में अब भी सुस्ती
बीते कुछ समय से शहरी इलाकों में टू-व्हीलर की मांग कमजोर बनी हुई है। इसकी वजह महंगाई, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और लोगों का रुझान प्रीमियम या इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बढ़ना है।

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, "अगर फसल अच्छी होगी और ग्रामीण इलाकों में नकदी का प्रवाह बेहतर रहेगा, तो वहां के लोग किफायती टू-व्हीलर जैसे कि एंट्री-लेवल मोटरसाइकिल और स्कूटर खरीदने में रुचि दिखाएंगे। इससे शहरी इलाकों की कमजोर मांग का कुछ हद तक संतुलन बन सकता है, खासकर उन कंपनियों के लिए जिनकी ग्रामीण पकड़ मजबूत है।"

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अगले साल अच्छी ग्रोथ की उम्मीद
आईसीआरए (ICRA) का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में टू-व्हीलर इंडस्ट्री की वॉल्यूम ग्रोथ 6-9 प्रतिशत के बीच रहेगी। वहीं, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने भी मिड-टू-हाई सिंगल डिजिट ग्रोथ का अनुमान जताया है। वित्त वर्ष 2025 में घरेलू बाजार में टू-व्हीलर की बिक्री 19.6 मिलियन यूनिट रही, जो वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

अगर वित्त वर्ष 2026 में बिक्री ऊपरी अनुमान यानी 9 प्रतिशत ग्रोथ तक पहुंचती है, तो यह 21.36 मिलियन यूनिट्स के साथ अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड बना सकती है। जो 2019 के 21.17 मिलियन यूनिट्स के रिकॉर्ड को भी पार कर देगा।

 

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Two-Wheelers - फोटो : Adobe Stock
हाल के महीनों में चुनौतियां भी रही हैं
हालांकि बीते चार महीनों का समय टू-व्हीलर सेक्टर के लिए आसान नहीं रहा। दिसंबर से अब तक बिक्री में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है, खासकर मोटरसाइकिल श्रेणी में। इसकी वजह रही खराब खरीदार भावनाएं और वाहन लोन पर ब्याज दरों का ऊंचा स्तर। मांग में इस गिरावट की वजह से डीलरों के पास इन्वेंटरी भी बढ़ गई है।

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