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Nitin Gadkari: गडकरी ने कहा- V2V तकनीक के लिए 30 GHz स्पेक्ट्रम आवंटित, सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

Fri, 23 Jan 2026 10:07 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 23 Jan 2026 10:07 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने गाड़ी से गाड़ी (V2V कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) के लिए 30 GHz रेडियो स्पेक्ट्रम तय किया है। जिससे गाड़ियां मोबाइल या इंटरनेट नेटवर्क में आए बिना ही सेफ्टी अलर्ट का लेन-देन कर सकेंगी।

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Union Minister Nitin Gadkari Says India Allocates 30 GHz Spectrum for V2V Vehicle Safety Technology
Nitin Gadkari - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्र सरकार ने सड़क सुरक्षा को नई तकनीक से मजबूत करने की दिशा में अहम फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि वाहन-से-वाहन (V2V) कम्युनिकेशन तकनीक के लिए 30 GHz रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया गया है। इस तकनीक की मदद से वाहन आपस में सीधे सुरक्षा अलर्ट साझा कर सकेंगे, वह भी मोबाइल या इंटरनेट नेटवर्क पर निर्भर हुए बिना।
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किसने किया स्पेक्ट्रम आवंटन?
शुक्रवार को सड़क परिवहन मंत्रालय से जुड़ी संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में जानकारी देते हुए गडकरी ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने V2V कम्युनिकेशन के लिए यह स्पेक्ट्रम तय किया है। मंत्रालय के अनुसार, यह स्पेक्ट्रम कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम की बुनियाद बनेगा।

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Union Minister Nitin Gadkari Says India Allocates 30 GHz Spectrum for V2V Vehicle Safety Technology
V2V Communication - फोटो : Freepik
कैसे काम करेगी V2V तकनीक?
V2V तकनीक के तहत वाहन आपस में सीधे संवाद कर सकेंगे और सड़क से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करेंगे।
इससे वाहन:
  • सामने, पीछे और साइड में मौजूद खतरों की सूचना दे सकेंगे
  • सड़क के मोड़, ढलान और छिपे हुए जोखिमों को भी पहचान सकेंगे
  • ड्राइवर की सीधी नजर में न आने वाले खतरे पर भी अलर्ट मिलेगा
  • ADAS सिस्टम को मिलेगा बड़ा फायदा

यह तकनीक एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के साथ इंटीग्रेट की जाएगी। इससे ADAS की प्रभावशीलता कई गुना बढ़ जाएगी और टक्कर, अचानक ब्रेकिंग या लेन बदलने जैसी स्थितियों में वाहन पहले से चेतावनी दे सकेंगे।

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प्रति वाहन कितना हो सकता है खर्च?
सरकार के अनुमान के मुताबिक, V2V आधारित सुरक्षा सिस्टम को वाहन में लगाने की लागत लगभग 5,000 रुपये से 7,000 रुपये प्रति वाहन हो सकती है। इसे भविष्य में बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना पर काम चल रहा है।

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Union Minister Nitin Gadkari Says India Allocates 30 GHz Spectrum for V2V Vehicle Safety Technology
V2V Communication - फोटो : Freepik
नियम और मानक तैयार करने की प्रक्रिया जारी
परिवहन मंत्रालय ने बताया कि भारत में V2V तकनीक लागू करने के लिए फ्रेमवर्क, मानक और नियम तैयार किए जा रहे हैं। इसके पूरा होने के बाद इस तकनीक को चरणबद्ध तरीके से वाहनों में शामिल किया जा सकता है।

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दुनिया में V2V तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल
उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 2024 तक दुनिया भर में 2 करोड़ से अधिक वाहन ऐसे थे जिनमें V2V-रेडी ऑनबोर्ड यूनिट्स लगी थीं। इसमें एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत रही।

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Union Minister Nitin Gadkari Says India Allocates 30 GHz Spectrum for V2V Vehicle Safety Technology
V2V Communication - फोटो : Tata Motors
सड़क सुरक्षा के भविष्य की ओर भारत
30 GHz स्पेक्ट्रम का आवंटन भारत को कनेक्टेड और सुरक्षित मोबिलिटी की ओर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में V2V तकनीक दुर्घटनाओं को कम करने और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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