{"_id":"66e03ceea315d3484d0f2fa9","slug":"union-heavy-industries-minister-h-d-kumaraswamy-says-ev-subsidy-emps-to-continue-till-fame-iii-launch-2024-09-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"FAME III: एमएचआई मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, फेम-III के लॉन्च होने तक ईएमपीएस रहेगा जारी","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
FAME III: एमएचआई मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, फेम-III के लॉन्च होने तक ईएमपीएस रहेगा जारी
Tue, 10 Sep 2024 06:04 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 10 Sep 2024 06:04 PM IST
सार
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सब्सिडी तब तक लागू रहेगी जब तक कि FAME-III लागू नहीं हो जाता।
विज्ञापन
Electric Scooter
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफेक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) (फेम) स्कीम के तीसरे चरण को जल्द ही लागू किए जाने की उम्मीद है। इसे लागू किए जाने से पहले, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सब्सिडी तब तक लागू रहेगी जब तक कि FAME-III लागू नहीं हो जाता।
विज्ञापन
गौरतलब है कि FAME-II मार्च में खत्म हो गया था। और संबंधित मंत्रालय ने सिस्टम को संतुलित करने और ईवी सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) शुरू की है। इसे FAME-III के लागू होने तक के लिए पेश किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
EMPS जुलाई में खत्म होने वाला था, लेकिन केंद्र सरकार ने तारीखों को आगे बढ़ाने का फैसला किया। यह 778 करोड़ रुपये के बढ़े हुए परिव्यय के साथ सितंबर के आखिर तक लागू रहेगा।
15 अगस्त तक, EMPS ने अपने संशोधित लक्ष्य का 60 प्रतिशत हासिल कर लिया है। जिसके तबत 5,60,000 यूनिट्स के लक्ष्य में से 3,34,260 इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट किया गा है।
15 अगस्त तक, EMPS ने अपने संशोधित लक्ष्य का 60 प्रतिशत हासिल कर लिया है। जिसके तबत 5,60,000 यूनिट्स के लक्ष्य में से 3,34,260 इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट किया गा है।
FAME और EMPS के फायदे
FAME और EMPS के नियमों के अनुसार, यह ग्राहकों को बैटरी से चलने वाले वाहन खरीदने और निर्माताओं द्वारा सब्सिडी के रूप में उचित छूट का लाभ लेने की अनुमति देता है। बाद में, सरकार कार निर्माताओं को भुगतान करके अंतर की रिइंबर्समेंट (प्रतिपूर्ति) करती है।
यह रणनीति ईवी सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी। जिससे इच्छुक लोगों को ICE (इंटरनल कंब्शन इंजन) मॉडल के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर झुकाव बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
FAME और EMPS के नियमों के अनुसार, यह ग्राहकों को बैटरी से चलने वाले वाहन खरीदने और निर्माताओं द्वारा सब्सिडी के रूप में उचित छूट का लाभ लेने की अनुमति देता है। बाद में, सरकार कार निर्माताओं को भुगतान करके अंतर की रिइंबर्समेंट (प्रतिपूर्ति) करती है।
यह रणनीति ईवी सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी। जिससे इच्छुक लोगों को ICE (इंटरनल कंब्शन इंजन) मॉडल के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर झुकाव बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
ईवी बिक्री
इस बीच, सरकार द्वारा समर्थित सभी सुविधाओं के बावजूद, ईवी सेगमेंट की बिक्री में कमी देखी गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2018 से भारत में अब तक सिर्फ 5.28 प्रतिशत ईवी दोपहिया वाहन बेचे गए हैं, जबकि 1.99 प्रतिशत बिक्री ईवी चार पहिया वाहनों की हुई है।
इस बीच, सरकार द्वारा समर्थित सभी सुविधाओं के बावजूद, ईवी सेगमेंट की बिक्री में कमी देखी गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2018 से भारत में अब तक सिर्फ 5.28 प्रतिशत ईवी दोपहिया वाहन बेचे गए हैं, जबकि 1.99 प्रतिशत बिक्री ईवी चार पहिया वाहनों की हुई है।
भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) एक योजना का मसौदा भी तैयार कर रहा है। जिसके तहत सब्सिडी योजना के तहत बेचे जाने वाले किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पर मंत्रालय का लोगो होगा।
साथ ही ग्राहकों को योजना के बारे में सूचित करने वाला एक प्रमाण पत्र भी होगा। इसके अलावा, सरकार सेल्फ-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर सकती है। जिसके तहत ग्राहकों को अपने वाहनों को पंजीकृत करने के लिए एक सरकारी पोर्टल पर एक सेल्फी अपलोड करने और अपने आधार डिटेल्स को प्रमाणित करने की जरूरत होगी।