{"_id":"6958f731de794e864303ea5a","slug":"transport-ministry-proposes-aadhaar-like-id-for-ev-batteries-to-boost-traceability-and-recycling-2026-01-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"EV Battery: परिवहन मंत्रालय का ईवी बैटरियों के लिए 'आधार' जैसी पहचान संख्या का प्रस्ताव, जानें क्या है योजना","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
EV Battery: परिवहन मंत्रालय का ईवी बैटरियों के लिए 'आधार' जैसी पहचान संख्या का प्रस्ताव, जानें क्या है योजना
Sat, 03 Jan 2026 04:32 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 03 Jan 2026 04:32 PM IST
सार
ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने EV बैटरी को आधार जैसा यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर देने का प्रस्ताव दिया है। ताकि उनकी एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी और अच्छी रीसाइक्लिंग पक्की हो सके।
विज्ञापन
इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरियों की पूरी जीवन-यात्रा (लाइफ साइकिल) को ट्रैक करने और उनके प्रभावी रीसाइक्लिंग को सुनिश्चित करने के लिए एक नया ढांचा प्रस्तावित किया है। इसके तहत ईवी बैटरियों को आधार जैसी एक यूनिक पहचान संख्या देने की योजना बनाई गई है। जिससे बैटरी की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी संभव हो सके।
बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) होगा अनिवार्य
मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, बैटरी निर्माता या आयातक को हर बैटरी के लिए 21 कैरेक्टर का बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) जारी करना अनिवार्य होगा। यह नियम उन बैटरियों पर भी लागू होगा, जिन्हें कंपनियां खुद के उपयोग के लिए बाजार में लाती हैं। इसके साथ ही, संबंधित बैटरी पैक का डायनेमिक डेटा BPAN के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी होगा।
यह भी पढ़ें - Two-wheeler December Sales: दिसंबर 2025 दोपहिया बिक्री, घरेलू मांग से तेजी, निर्यात ने दिया और सहारा
विज्ञापन
विज्ञापन
बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) होगा अनिवार्य
मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, बैटरी निर्माता या आयातक को हर बैटरी के लिए 21 कैरेक्टर का बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) जारी करना अनिवार्य होगा। यह नियम उन बैटरियों पर भी लागू होगा, जिन्हें कंपनियां खुद के उपयोग के लिए बाजार में लाती हैं। इसके साथ ही, संबंधित बैटरी पैक का डायनेमिक डेटा BPAN के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी होगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Two-wheeler December Sales: दिसंबर 2025 दोपहिया बिक्री, घरेलू मांग से तेजी, निर्यात ने दिया और सहारा
विज्ञापन
बैटरी पर स्पष्ट और सुरक्षित स्थान पर अंकित होगा BPAN
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि BPAN को बैटरी पर ऐसे स्थान पर अंकित किया जाना चाहिए, जो साफ दिखाई दे और आसानी से स्कैन किया और पढ़ा जा सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि यह पहचान संख्या समय के साथ नष्ट न हो या खराब न पड़े, ताकि बैटरी की पहचान पूरी उम्र बनी रहे।
कच्चे माल से रीसाइक्लिंग तक पूरा रिकॉर्ड
'बैटरी पैक आधार सिस्टम के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश' के अनुसार, BPAN में बैटरी से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज होंगी। इसमें कच्चे माल की खुदाई, निर्माण प्रक्रिया, उपयोग, सेकंड-लाइफ एप्लिकेशन, रीसाइक्लिंग और अंतिम निपटान तक की पूरी डिटेल्स शामिल होगी। अगर किसी बैटरी को रीसाइक्लिंग या दोबारा उपयोग के लिए बदला जाता है और उसकी विशेषताएं बदलती हैं, तो उसे नया BPAN जारी करना होगा। चाहे वह उसी निर्माता द्वारा हो या किसी नए आयातक द्वारा।
यह भी पढ़ें - Car Sales Dec 2025: दिसंबर 2025 में कार बिक्री, जानें ऑटो कंपनियों की आखिरी महीने में कितनी रही सेल
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि BPAN को बैटरी पर ऐसे स्थान पर अंकित किया जाना चाहिए, जो साफ दिखाई दे और आसानी से स्कैन किया और पढ़ा जा सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि यह पहचान संख्या समय के साथ नष्ट न हो या खराब न पड़े, ताकि बैटरी की पहचान पूरी उम्र बनी रहे।
कच्चे माल से रीसाइक्लिंग तक पूरा रिकॉर्ड
'बैटरी पैक आधार सिस्टम के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश' के अनुसार, BPAN में बैटरी से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज होंगी। इसमें कच्चे माल की खुदाई, निर्माण प्रक्रिया, उपयोग, सेकंड-लाइफ एप्लिकेशन, रीसाइक्लिंग और अंतिम निपटान तक की पूरी डिटेल्स शामिल होगी। अगर किसी बैटरी को रीसाइक्लिंग या दोबारा उपयोग के लिए बदला जाता है और उसकी विशेषताएं बदलती हैं, तो उसे नया BPAN जारी करना होगा। चाहे वह उसी निर्माता द्वारा हो या किसी नए आयातक द्वारा।
यह भी पढ़ें - Car Sales Dec 2025: दिसंबर 2025 में कार बिक्री, जानें ऑटो कंपनियों की आखिरी महीने में कितनी रही सेल
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
पारदर्शिता और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस
इस प्रस्तावित सिस्टम का उद्देश्य बैटरी इकोसिस्टम में पारदर्शिता, जवाबदेही और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। BPAN के जरिए बैटरियों के प्रदर्शन, पर्यावरणीय प्रभाव और नियामकीय अनुपालन को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा। साथ ही, सेकंड-लाइफ उपयोग और कुशल रीसाइक्लिंग को भी इससे मजबूती मिलेगी।
भारत में EV बैटरियों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
भारत में लिथियम-आयन बैटरियों की कुल मांग का करीब 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों से आता है। जो औद्योगिक या अन्य गैर-ऑटोमोटिव उपयोग की तुलना में कहीं अधिक है। इसी वजह से ड्राफ्ट गाइडलाइंस में सुझाव दिया गया है कि मानक तैयार करने के शुरुआती चरण में ईवी बैटरियों को प्राथमिकता दी जाए। खासकर उनके बड़े पैमाने, सुरक्षा से जुड़े पहलुओं और नियामकीय महत्व को देखते हुए।
यह भी पढ़ें - Toll Tax: हाईवे यात्रियों को टोल में बड़ी राहत! निर्माणाधीन सड़कों पर आधा शुल्क, आंशिक एक्सप्रेसवे पर NH जैसे रेट
इस प्रस्तावित सिस्टम का उद्देश्य बैटरी इकोसिस्टम में पारदर्शिता, जवाबदेही और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। BPAN के जरिए बैटरियों के प्रदर्शन, पर्यावरणीय प्रभाव और नियामकीय अनुपालन को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा। साथ ही, सेकंड-लाइफ उपयोग और कुशल रीसाइक्लिंग को भी इससे मजबूती मिलेगी।
भारत में EV बैटरियों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
भारत में लिथियम-आयन बैटरियों की कुल मांग का करीब 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों से आता है। जो औद्योगिक या अन्य गैर-ऑटोमोटिव उपयोग की तुलना में कहीं अधिक है। इसी वजह से ड्राफ्ट गाइडलाइंस में सुझाव दिया गया है कि मानक तैयार करने के शुरुआती चरण में ईवी बैटरियों को प्राथमिकता दी जाए। खासकर उनके बड़े पैमाने, सुरक्षा से जुड़े पहलुओं और नियामकीय महत्व को देखते हुए।
यह भी पढ़ें - Toll Tax: हाईवे यात्रियों को टोल में बड़ी राहत! निर्माणाधीन सड़कों पर आधा शुल्क, आंशिक एक्सप्रेसवे पर NH जैसे रेट
AIS रूट से लागू करने की सिफारिश
दिशानिर्देशों में यह भी सिफारिश की गई है कि बैटरी पैक आधार फ्रेमवर्क को ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) के जरिए आगे बढ़ाया जाए। यह प्रक्रिया ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स कमेटी (AISC) के तहत बहु-स्तरीय मानकीकरण प्रणाली के अनुसार होगी। जिससे सभी हितधारकों से परामर्श, तकनीकी सत्यापन और मौजूदा ऑटोमोटिव नियमों के साथ तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।
सभी हितधारकों की भागीदारी पर जोर
प्रस्ताव में कहा गया है कि AISC समिति में बैटरी निर्माता, ईवी निर्माता, रीसाइक्लर, टेस्टिंग एजेंसियां और नियामकीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल किए जा सकते हैं। इससे बैटरी के पूरे जीवनचक्र से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को बेहतर तरीके से समझा और लागू किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें - Electric Vehicles: नॉर्वे ईवी क्रांति के करीब, 2025 में बिकी 96 प्रतिशत नई कारें पूरी तरह इलेक्ट्रिक
दिशानिर्देशों में यह भी सिफारिश की गई है कि बैटरी पैक आधार फ्रेमवर्क को ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) के जरिए आगे बढ़ाया जाए। यह प्रक्रिया ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स कमेटी (AISC) के तहत बहु-स्तरीय मानकीकरण प्रणाली के अनुसार होगी। जिससे सभी हितधारकों से परामर्श, तकनीकी सत्यापन और मौजूदा ऑटोमोटिव नियमों के साथ तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।
सभी हितधारकों की भागीदारी पर जोर
प्रस्ताव में कहा गया है कि AISC समिति में बैटरी निर्माता, ईवी निर्माता, रीसाइक्लर, टेस्टिंग एजेंसियां और नियामकीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल किए जा सकते हैं। इससे बैटरी के पूरे जीवनचक्र से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को बेहतर तरीके से समझा और लागू किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें - Electric Vehicles: नॉर्वे ईवी क्रांति के करीब, 2025 में बिकी 96 प्रतिशत नई कारें पूरी तरह इलेक्ट्रिक
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
ऊर्जा भंडारण की बढ़ती भूमिका
ड्राफ्ट गाइडलाइंस यह भी रेखांकित करती हैं कि डिजिटलाइजेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन के इस दौर में एनर्जी स्टोरेज सेल्स विश्वसनीय, लचीली और कुशल बिजली आपूर्ति की नींव बन चुकी हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के अलावा, बैटरियां घरेलू ऊर्जा भंडारण, औद्योगिक उपयोग और बिजली उत्पादन व वितरण जैसे कई अहम क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
यह भी पढ़ें - Auto Industry Outlook 2026: इस साल के लिए ऑटो उद्योग का आउटलुक सकारात्मक, सभी सेगमेंट्स में ग्रोथ के संकेत
यह भी पढ़ें - CES 2026: जब कार बनेगी समझदार मशीन, हॉर्सपावर से ब्रेनपावर की ओर बदलाव, जानें आपके लिए क्या हैं इसके मायने
यह भी पढ़ें - FASTag KYV: एक फरवरी 2026 से नई कारों के फास्टैग पर केवाईवी प्रक्रिया होगी खत्म, एनएचएआई ने दी बड़ी राहत
ड्राफ्ट गाइडलाइंस यह भी रेखांकित करती हैं कि डिजिटलाइजेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन के इस दौर में एनर्जी स्टोरेज सेल्स विश्वसनीय, लचीली और कुशल बिजली आपूर्ति की नींव बन चुकी हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के अलावा, बैटरियां घरेलू ऊर्जा भंडारण, औद्योगिक उपयोग और बिजली उत्पादन व वितरण जैसे कई अहम क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
यह भी पढ़ें - Auto Industry Outlook 2026: इस साल के लिए ऑटो उद्योग का आउटलुक सकारात्मक, सभी सेगमेंट्स में ग्रोथ के संकेत
यह भी पढ़ें - CES 2026: जब कार बनेगी समझदार मशीन, हॉर्सपावर से ब्रेनपावर की ओर बदलाव, जानें आपके लिए क्या हैं इसके मायने
यह भी पढ़ें - FASTag KYV: एक फरवरी 2026 से नई कारों के फास्टैग पर केवाईवी प्रक्रिया होगी खत्म, एनएचएआई ने दी बड़ी राहत