कार खरीदने से पहले जानें: टॉर्क कन्वर्टर, CVT या DCT- कौन सा ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है बेहतर?
Different Types of Gearboxes: आज के समय में कार खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल ये नहीं रहता है कि पेट्रोल लें या डीजल? बल्कि ये रहता है कि मैनुअल लें या ऑटोमैटिक। और अगर ऑटोमैटिक चुनते हैं तो उसके भी तीन अलग-अलग विकल्प होते हैं- टॉर्क कन्वर्टर, CVT और DCT। ऐसे में सही गियरबॉक्स चुनना कंफ्यूजन पैदा कर सकता है। आखिर में सही गियरबॉक्स वही है जो आपकी ड्राइविंग आदत, रोज के ट्रैफिक और हाईवे इस्तेमाल के मुताबिक सबसे बेहतर फिट बैठे।
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विस्तार
आज के समय में ज्यादातर ड्राइवरों के लिए कार खरीदते समय सबसे बड़ा फैसला पेट्रोल या डीजल नहीं बल्कि मैनुअल या ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का होता है। शहरों में बढ़ती ट्रैफिक और लंबा होता रोज का सफर मैनुअल गियरबॉक्स को धीरे-धीरे पीछे छोड़ रहा है। लेकिन अब 'ऑटोमैटिक' भी एक ही तरह का नहीं रहा। आधुनिक कारों में मुख्य रूप से तीन तरह के ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलते हैं:
- टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक
- CVT (कंटीन्यूअसली वेरिएबल ट्रांसमिशन)
- DCT (डुअल-क्लच ट्रांसमिशन)
सभी का मकसद ड्राइवर की मेहनत कम करना और बेहतर आराम देना ही है। लेकिन असली सवाल ये है कि रोजमर्रा की ड्राइविंग में ट्रैफिक, फ्लाईओवर और हाईवे पर कौन सा विकल्प बेहतर है?
1. टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक
पारंपरिक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन जिसे आमतौर पर टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक कहा जाता है। दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली तकनीक है। मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, टोयोटा और ह्यूंदै जैसे ब्रांड आज भी इसे लगातार बेहतर बना रहे हैं।
कैसे काम करता है ये?
इस सिस्टम में मैकेनिकल क्लच की जगह हाइड्रोलिक फ्लूइड कपलिंग का इस्तेमाल होता है। इससे इंजन की पावर पहियों तक स्मूद तरीके से पहुंचती है। गियर बदलते समय झटका बहुत कम महसूस होता है।
रोजमर्रा में फायदा
- भारी ट्रैफिक में बेहद स्मूद अनुभव
- लो-स्पीड पर बेहतर कंट्रोल
- लंबी अवधि में भरोसेमंद
आधुनिक मल्टी-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर गियरबॉक्स अब पहले से ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट भी हो चुके हैं। ज्यादा गियर होने से हाईवे पर इंजन कम RPM पर चलता है, जिससे माइलेज और केबिन शांति दोनों बेहतर होते हैं।
किसके लिए बेहतर?
ऐसे गियरबॉक्स ट्रैफिक से भरे शहर, आरामदायक ड्राइविंग पसंद करने वाले और लंबी अवधि की विश्वसनीयता चाहने वाले ड्राइवर के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
2. CVT: माइलेज और स्मूदनेस का संतुलन
सीवीटी (CVT) पारंपरिक गियरबॉक्स से बिल्कुल अलग तरीके से काम करता है। इसमें फिक्स्ड गियर रेशियो नहीं होते बल्कि बेल्ट और पुली सिस्टम के जरिए लगातार गियर रेशियो बदलता रहता है। होंडा, निसान और टोयोटा अक्सर अपनी कारों में सीवीटी की माइलेज क्षमता को प्रमुखता से दिखाते हैं।
CVT गियरबॉक्स की खासियत
- गियर शिफ्ट का अहसास नहीं होता
- इंजन हमेशा अपने सबसे एफिशिएंट रेंज में काम करता है
- हाइब्रिड कारों में आमतौर पर इस्तेमाल
रोजमर्रा के ट्रैफिक में सीवीटी बेहद स्मूद अनुभव देता है। बार-बार ब्रेक और एक्सेलरेशन के बीच झटका महसूस नहीं होता जिससे ड्राइवर की थकान कम होती है। हालांकि तेज एक्सेलरेशन पर इंजन कुछ समय के लिए ऊंचे RPM पर रह सकता है। इसे कई लोग 'रबर बैंड इफेक्ट' कहते हैं।
किसके लिए बेहतर?
सीवीटी गियरबॉक्स आमतौर पर रोजमर्रा आवाजाही, बेहतर माइलेज और शांत शहरी ड्राइविंग के लिए बेहतर मानी जाती है।
3. DCT: परफॉर्मेंस और ऑटोमैटिक का मेल
डीसीटी (DCT) यानी ड्यूल-क्लच ट्रांसमिशन, ऑटोमैटिक ड्राइविंग में परफॉर्मेंस का तड़का जोड़ता है। फॉक्सवैगन ग्रुप, बीएमडब्ल्यू और ह्यूंदै के कई मॉडल्स में डीसीटी का इस्तेमाल होता है।
यह कैसे काम करता है?
इसमें दो अलग-अलग क्लच होते हैं:
- एक ऑड (1,3,5) गियर के लिए
- दूसरा ईवन (2,4,6) गियर के लिए
अगला गियर पहले से तैयार रहता है जिससे गियर शिफ्ट बेहद तेज और बिना पावर रुकावट के होता है।
अनुभव कैसा रहता है?
- हाईवे पर तेज और रिस्पॉन्सिव एक्सेलरेशन
- स्पोर्टी फील
- मैनुअल जैसी एफिशिएंसी
बहुत धीमी रेंगती ट्रैफिक में डीसीटी कभी-कभी टॉर्क कन्वर्टर या सीवीटी जितना स्मूद महसूस नहीं होता। हालांकि नए सॉफ्टवेयर अपडेट्स ने इस व्यवहार में काफी सुधार किया है।
किसके लिए बेहतर?
डीसीटी गियरबॉक्स उन लोगों के लिए बेहतर होता है जो हाईवे ड्राइविंग, स्पोर्टी अनुभव का मिश्रण (सिटी + हाईवे) चाहते हैं।
आखिर कौन सा गियरबॉक्स बेहतर?
सच यह है कि कोई एक सार्वभौमिक विजेता नहीं है।
- टॉर्क कन्वर्टर: आराम और रिफाइनमेंट
- सीवीटी: माइलेज और स्मूदनेस
- डीसीटी: तेज रिस्पॉन्स और परफॉर्मेंस
अगर आप रोज भारी ट्रैफिक में गाड़ी चलाते हैं तो टॉर्क कन्वर्टर या सीवीटी लंबे समय में कम थकाने वाले साबित हो सकते हैं। अगर आप हाईवे पर ज्यादा ड्राइव करते हैं और तेज एक्सेलरेशन पसंद करते हैं तो डीसीटी ज्यादा रोमांचक अनुभव देगा। अंत में सबसे अच्छा गियरबॉक्स वही है जो आपकी ड्राइविंग स्टाइल और रोज के रास्तों के मुताबिक फिट बैठता हो। आज की ऑटोमोबाइल तकनीक इतनी विकसित हो चुकी है कि अब आपको सुविधा के लिए समझौता नहीं करना पड़ता। बस ये तय करना है कि आपकी प्राथमिकता क्या है: आराम, माइलेज या परफॉर्मेंस।