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Hazard Lights: मदद का संकेत या सड़क पर खतरे की निशानी हैजर्ड लाइट्स? इनके सही इस्तेमाल के नियम जानें

Mon, 10 Nov 2025 01:45 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Mon, 10 Nov 2025 01:45 PM IST
सार

कार की हैजर्ड लाइट्स सुरक्षा की निशानी मानी जाती हैं, लेकिन गलत समय पर इसका इस्तेमाल सुरक्षा को हादसे में बदल सकता है। बारिश, ओवरटेक आदि में इन्हें जलाना कानूनन गलत है। जानिए इन्हें कब जलाना जरूरी है और कब खतरनाक।

 

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Hazard Lights are signal for help or a danger sign?Learn rules for their proper use
हैजर्ड लाइट - फोटो : एआई

विस्तार

हर कार में लगी हैजर्ड लाइट्स जिन्हें इमरजेंसी फ्लैशर्स या फोर-वे वार्निंग लाइट्स भी कहा जाता है। यह सड़क सुरक्षा की अहम भूमिका निभाता है। इसका मकसद है दूसरों को चेताना कि आपकी कार किसी जोखिम या असामान्य स्थिति में है, लेकिन भारत में इनका गलत इस्तेमाल एक आम चलन बन चुका है। कई बार ड्राइवर इन्हें बारिश या ओवरटेक करने में इस्तेमाल करते हैं, जिससे पीछे आने वाले ड्राइवर भ्रमित हो जाते हैं। यह न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय अपराध भी है

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ऐसे में जलाए हैजर्ड लाइट्स

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हैजर्ड लाइट के उपयोग के नियम - फोटो : एआई

कार खराब होने पर या अचानक रुकने पर

अगर आपकी कार सड़क के बीच में बंद हो जाए या कोई यांत्रिक दिक्कत हो, तो तुरंत हैजर्ड लाइट ऑन करें। इससे पीछे आने वालों को समय रहते अलर्ट मिल जाएगा।

खतरनाक जगह पर पार्किंग के समय

अंधेरी सड़क, हाईवे किनारा या ब्लाइंड टर्न पर अगर रुकना पड़े, तो हैजर्ड लाइट्स जलाएं। सीएमवीआर (सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल) के अनुसार 50 से 100 मीटर दूर रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण लगाना अनिवार्य है।

टो करने या टो किए जाने पर

जब वाहन टो किया जा रहा हो या जो गाड़ी को खींच रहा हो, दोनों पर हैजर्ड लाइट्स होनी चाहिए। इससे दूसरे ड्राइवरों को समझ आता है कि ये वाहन धीमी रफ्तार में हैं।

कोहरा, भारी बारिश या धुंध में,लेकिन सिर्फ रुकने पर

कम दृश्यता की स्थिति में हैजर्ड लाइट्स केवल तभी जलाएं जब वाहन पूरी तरह रुका हो। चलते समय इनका जलना कानून का उल्लंघन है।

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हैजर्ड लाइट्स कब नहीं जलानी चाहिए

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ऐसे में न जलाए - फोटो : एआई
  • बारिश में चलते समय – यह मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के तहत अवैध है।
  • ओवरटेक या तेज़ गति पर ड्राइव करते समय – यह खतरनाक संकेत है और दूसरों को भ्रमित करता है।
  • डबल पार्किंग के दौरान – सड़क के बीच में रुकना खतरनाक है, हैजर्ड लाइट्स जलाने से यह वैध नहीं हो जाता।

 

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 कानूनी सज़ा और जुर्माना

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

हैजर्ड लाइट्स का गलत उपयोग करने पर 100 से 500 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। बार-बार गलती करने वालों पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही भी हो सकती है। हैजर्ड लाइट्स फंक्शनिंग नियमित रूप में चेक करें। अगर रात में अंधेरी जगह पार्क में करें, तो हैजर्ड और पार्किंग लाइट्स दोनों चालू रखें। हमेशा रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण बूट में रखें। यह कानूनी रूप से आवश्यक है।

हैजर्ड लाइट्स आपात स्थिति के लिए हैं, सुविधा के लिए नहीं। इन्हें जिम्मेदारी और समझदारी से इस्तेमाल करें, जिससे सड़कें सुरक्षित और अनुशासित रहें। याद रखें गलत संकेत कभी-कभी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

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