Tesla: टेस्ला ने बंद किया अपनी शानदार कारों Model S और Model X का प्रोडक्शन, जानिए क्या है असली वजह
Tesla Model S & X Discontinued: टेस्ला ने अपनी मशहूर इलेक्ट्रिक कारों Model S और Model X का प्रोडक्शन हमेशा के लिए बंद कर दिया है। गिरती बिक्री और 'ऑप्टिमस' ह्यूमनॉइड रोबोट के निर्माण पर फोकस करने के लिए यह फैसला लिया गया है। जानिए कंपनी के फ्यूचर प्लान और भारत में टेस्ला की स्थिति के बारे में सब कुछ।
विस्तार
दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला ने अपनी दो सबसे पुरानी और मशहूर इलेक्ट्रिक कारों Model S (सेडान) और Model X (एसयूवी) को बंद करने का आधिकारिक एलान कर दिया है। कंपनी के सीईओ एलन मस्क ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करके ये जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब इन कारों के नए कस्टम ऑर्डर नहीं लिए जा रहे हैं। जिन ग्राहकों को यह कार चाहिए, वे केवल कंपनी के बचे हुए स्टॉक से ही खरीदारी कर सकते हैं।
आखिर क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
इस बड़े बदलाव के संकेत एलन मस्क ने जनवरी में हुई एक अर्निंग कॉल के दौरान ही दे दिए थे। दरअसल, कंपनी अब अपने कैलिफोर्निया स्थित फ्रीमोंट प्लांट में इन कारों का प्रोडक्शन बंद करके उनकी जगह 'ऑप्टिमस' ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने जा रही है। टेस्ला का लक्ष्य बड़े पैमाने पर इन रोबोट्स का निर्माण करना है और इसके लिए सालाना 10 लाख रोबोट बनाने का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। इसी कड़ी में पिछले महीने टेस्ला ने अपने मौजूदा ग्राहकों को एक ईमेल भी भेजा था।
इसमें बताया गया था कि Model S और Model X ने ही दुनिया को इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ मोड़ने की शुरुआत की थी और इन्हीं मॉडल्स की बदौलत कंपनी ऑटोनॉमस (सेल्फ-ड्राइविंग) जैसी अत्याधुनिक तकनीक विकसित कर पाई। अब चूंकि टेस्ला भविष्य की इस नई ऑटोनॉमस तकनीक और रोबोटिक्स की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है, इसलिए इन दोनों आइकॉनिक कारों का सफर और प्रोडक्शन यहीं खत्म किया जा रहा है।
कैसे थे Model S और Model X?
अगर इन दोनों कारों के शानदार सफर की बात करें तो Model S अमेरिका में साल 2012 में लॉन्च हुई थी और रोडस्टर के बाद यह टेस्ला का दूसरा मॉडल थी। हालांकि यह कार आधिकारिक तौर पर कभी भारतीय बाजार में नहीं आई। लेकिन इसका 'Plaid' वर्जन 1,020hp की जबरदस्त पावर देने के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। वहीं, Model X की बात करें तो यह टेस्ला की पहली 7-सीटर ऑल-इलेक्ट्रिक एसयूवी थी। इसने 2015 में बाजार में कदम रखा था।
यह कार खास तौर पर अपने 'फाल्कन विंग' (ऊपर की तरफ खुलने वाले) दरवाजों और एक बड़ी पैनोरमिक विंडस्क्रीन के लिए काफी मशहूर रही है। खास बात यह है कि इन मॉडल्स का प्रोडक्शन बंद होने से ठीक पहले, साल 2025 की शुरुआत में ही कंपनी ने इनमें कुछ अहम अपडेट्स भी दिए थे। इनमें बेहतर रेंज, हल्का सा नया डिजाइन और ज्यादा आरामदायक राइड जैसे फीचर्स शामिल थे।
बिक्री में भारी गिरावट भी बनी एक अहम वजह
इन दोनों कारों को बंद करने के पीछे इनकी बिक्री में आई भारी गिरावट को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय से बाजार में इन दोनों ही मॉडल्स की मांग काफी कम हो गई थी। आंकड़ों पर गौर करें तो 2025 की आखिरी तिमाही में Model S की बिक्री सीधे 52.6 प्रतिशत तक गिर गई।
जहां 2024 में इसकी 12,426 यूनिट्स बिकी थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा सिमटकर सिर्फ 5,889 यूनिट्स रह गया। कुछ ऐसा ही हाल Model X का भी देखने को मिला, जिसकी बिक्री में 34.2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसकी बिक्री भी 2024 में 19,855 यूनिट्स के मुकाबले 2025 में घटकर केवल 13,066 यूनिट्स पर आ गई। इन्हीं कम होते आंकड़ों ने कंपनी को यह कड़ा फैसला लेने पर मजबूर किया।
अब Model 3 और Model Y का है जलवा
भले ही पुरानी कारों का सफर खत्म हो गया हो लेकिन टेस्ला की Model 3 और Model Y शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। इस साल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में टेस्ला ने कुल 3,58,023 गाड़ियां डिलीवर कीं। जिनमें से 95% हिस्सा सिर्फ Model 3 और Model Y का था।
आगे का क्या है प्लान और भारत में स्थिति?
पुरानी कारों को बंद करने के बाद अब टेस्ला पूरी तरह से भविष्य की नई तैयारियों में जुटी है। कंपनी जल्द ही बाजार में दो नए शानदार मॉडल उतारने की योजना बना रही है। इनमें एक टू-सीटर साइबरकैब और दूसरी सेकंड-जेनरेशन रोडस्टर शामिल हैं। हालांकि, इन दोनों नए मॉडल्स के लॉन्च की कोई पक्की तारीख फिलहाल सामने नहीं आई है।
वहीं, अगर भारतीय बाजार की बात करें, तो यहां के ग्राहकों के लिए अभी सिर्फ टेस्ला की Model Y ही बिक्री के लिए उपलब्ध है। भारत में इस कार के स्टैंडर्ड रियर-व्हील-ड्राइव मॉडल की कीमत 58.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है, जबकि इसका लॉन्ग-रेंज मॉडल 67.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर खरीदा जा सकता है।