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EV: तमिलनाडु सरकार राज्य में ईवी बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने की है इच्छुक, उद्योग मंत्री का एलान
Sat, 30 Dec 2023 03:44 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 30 Dec 2023 03:44 PM IST
सार
तमिलनाडु सरकार मुख्य सड़कों और राजमार्गों पर चार्जिंग सुविधाएं स्थापित करने के लिए राज्य बिजली बोर्ड के साथ चर्चा कर रही है। यह जानकारी उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने दी।
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इलेक्ट्रिक कार।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
तमिलनाडु सरकार मुख्य सड़कों और राजमार्गों पर चार्जिंग सुविधाएं स्थापित करने के लिए राज्य बिजली बोर्ड के साथ चर्चा कर रही है। यह जानकारी उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने दी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भी चार्जिंग स्टेशनों में निवेश करने का निर्देश दिया है।
यह कदम, सरकार द्वारा राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयासों के परिप्रेक्ष्य में उठाया गया है। उद्योग मंत्री ने बताया, विकास को गति देने के लिए सरकार ने ईवी नीति जारी की है।
उन्होंने पीटीआई को एक इंटरव्यू में बताया कि देश में बिकने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों में से लगभग 70 प्रतिशत दोपहिया वाहन और 40 प्रतिशत चार-पहिया वाहन तमिलनाडु में निर्मित होते हैं। यह एक बहुत बड़ी संख्या है और तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहनों की खपत भी अब बढ़ रही है।
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उन्होंने कहा, "हमारे पास ईवी उद्योग के लिए इकोसिस्टम होगा। बुनियादी ढांचा भी बनाया जा रहा है और चार्जिंग स्टेशन भी आ रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इससे तमिलनाडु में ईवी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।"
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हमने सभी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं से भी चार्जिंग स्टेशनों में निवेश करने के लिए कहा है। और हम हाईवे के किनारे चार्जिंग स्टेशनों के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए TANGEDCO (तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन) के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।"
दूसरे सवाल पर बैटरी से चलने वाले वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाओं के लॉन्च के संभावित समय-सीमा के बारे में उन्होंने कहा, "ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (7 से 8 जनवरी, 2024 के बीच आयोजित होने वाला) तक आपके पास कुछ अच्छी घोषणाएं होंगी।"
बैटरी चालित वाहनों के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए, राज्य सरकार ने अपनी ईवी नीति पेश की है। जिसका लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 1.50 लाख रोजगार पैदा करना है।
नीति में कहा गया है कि तमिलनाडु एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफेक्चरिंग हब (विनिर्माण केंद्र) में बदल गया है। जिसमें कई नए ईवी स्टार्टअप ने अपनी उत्पादन सुविधाएं स्थापित की हैं।
ईवी नीति को उस समय लॉन्च किया गया था जब सरकार उम्मीद कर रही थी कि बैटरी चालित वाहन "लास्ट माइल कनेक्टिविटी" के इलेक्ट्रिफिकेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नीति में कहा गया है, "इस लक्ष्य का समर्थन करने के लिए, तमिलनाडु अपने जीवंत ऑटोमोटिव इकोसिस्टम का लाभ उठाकर राज्य में संचालित वाहन बेड़े का इलेक्ट्रिफिकेशन करना चाहता है। जिसमें मूल उपकरण निर्माता (ओईएम), ऑटो कंपोनेंट सहायक, अत्यधिक कुशल कार्यबल और मजबूत अनुसंधान एवं विकास क्षमताएं शामिल हैं।"
तमिलनाडु सरकार ने बैटरी चालित वाहनों - टू-व्हीलर, निजी कार, तीन-सीटर ऑटोरिक्शा, परिवहन वाहन और हल्के मालवाहक वाहनों आदि के लिए 31 दिसंबर, 2025 तक 100 प्रतिशत सड़क कर छूट का एलान किया है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भी चार्जिंग स्टेशनों में निवेश करने का निर्देश दिया है।
यह कदम, सरकार द्वारा राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयासों के परिप्रेक्ष्य में उठाया गया है। उद्योग मंत्री ने बताया, विकास को गति देने के लिए सरकार ने ईवी नीति जारी की है।
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उन्होंने पीटीआई को एक इंटरव्यू में बताया कि देश में बिकने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों में से लगभग 70 प्रतिशत दोपहिया वाहन और 40 प्रतिशत चार-पहिया वाहन तमिलनाडु में निर्मित होते हैं। यह एक बहुत बड़ी संख्या है और तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहनों की खपत भी अब बढ़ रही है।
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उन्होंने कहा, "हमारे पास ईवी उद्योग के लिए इकोसिस्टम होगा। बुनियादी ढांचा भी बनाया जा रहा है और चार्जिंग स्टेशन भी आ रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इससे तमिलनाडु में ईवी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।"
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हमने सभी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं से भी चार्जिंग स्टेशनों में निवेश करने के लिए कहा है। और हम हाईवे के किनारे चार्जिंग स्टेशनों के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए TANGEDCO (तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन) के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।"
दूसरे सवाल पर बैटरी से चलने वाले वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाओं के लॉन्च के संभावित समय-सीमा के बारे में उन्होंने कहा, "ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (7 से 8 जनवरी, 2024 के बीच आयोजित होने वाला) तक आपके पास कुछ अच्छी घोषणाएं होंगी।"
बैटरी चालित वाहनों के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए, राज्य सरकार ने अपनी ईवी नीति पेश की है। जिसका लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 1.50 लाख रोजगार पैदा करना है।
नीति में कहा गया है कि तमिलनाडु एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफेक्चरिंग हब (विनिर्माण केंद्र) में बदल गया है। जिसमें कई नए ईवी स्टार्टअप ने अपनी उत्पादन सुविधाएं स्थापित की हैं।
ईवी नीति को उस समय लॉन्च किया गया था जब सरकार उम्मीद कर रही थी कि बैटरी चालित वाहन "लास्ट माइल कनेक्टिविटी" के इलेक्ट्रिफिकेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नीति में कहा गया है, "इस लक्ष्य का समर्थन करने के लिए, तमिलनाडु अपने जीवंत ऑटोमोटिव इकोसिस्टम का लाभ उठाकर राज्य में संचालित वाहन बेड़े का इलेक्ट्रिफिकेशन करना चाहता है। जिसमें मूल उपकरण निर्माता (ओईएम), ऑटो कंपोनेंट सहायक, अत्यधिक कुशल कार्यबल और मजबूत अनुसंधान एवं विकास क्षमताएं शामिल हैं।"
तमिलनाडु सरकार ने बैटरी चालित वाहनों - टू-व्हीलर, निजी कार, तीन-सीटर ऑटोरिक्शा, परिवहन वाहन और हल्के मालवाहक वाहनों आदि के लिए 31 दिसंबर, 2025 तक 100 प्रतिशत सड़क कर छूट का एलान किया है।