EV Battery Charging: ईवी का 80-20 नियम क्या है? समझिए इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी चार्जिंग सिस्टम
एक नए इलेक्ट्रिक गाड़ी के मालिक के तौर पर, बिना किसी परेशानी के ड्राइविंग अनुभव के लिए अपनी कार या टू-व्हीलर की बैटरी कैपेसिटी, लाइफ और चार्जिंग बिहेवियर को समझना बहुत जरूरी हो जाता है।
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इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने के बाद सबसे अहम सवाल बैटरी को लेकर होते हैं, कितनी चार्ज करें, कब चार्ज करें और किस तरह चार्ज करें ताकि बैटरी लंबे समय तक सही हालत में रहे। इसी संदर्भ में अक्सर चर्चा में रहता है ईवी का 80-20 नियम, जिसे कई नए ईवी यूजर्स समझने में उलझन महसूस करते हैं।
ईवी बैटरी को 100% चार्ज करना सही है या नहीं?
नए ईवी मालिकों के मन में यह सवाल आम है कि क्या हर बार बैटरी को 100 प्रतिशत तक चार्ज करना नुकसानदायक हो सकता है। तकनीकी तौर पर देखा जाए तो बार-बार फुल चार्ज करना बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। खासकर अगर ऐसा रोजाना किया जाए। इसी कारण विशेषज्ञ ईवी बैटरी को हर बार पूरी तरह चार्ज करने की सलाह नहीं देते।
80-20 नियम आखिर है क्या?
ईवी में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां एक निश्चित चार्ज रेंज में सबसे बेहतर तरीके से काम करती हैं। इसी सिद्धांत पर आधारित है 80-20 नियम।
इस नियम के अनुसार:
- बैटरी को 20 प्रतिशत से नीचे नहीं गिरने देना चाहिए
- और रोजमर्रा के इस्तेमाल में इसे 80 प्रतिशत से ऊपर चार्ज नहीं करना चाहिए
इस चार्ज रेंज को बैटरी का “स्वीट स्पॉट” माना जाता है, जहां बैटरी पर कम से कम तनाव पड़ता है और उसकी उम्र लंबी होती है।
कंपनियां 20% से 80% चार्जिंग पर क्यों देती हैं जोर?
आपने गौर किया होगा कि ईवी निर्माता अक्सर यह बताते हैं कि गाड़ी 20 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कितनी जल्दी चार्ज होती है। इसकी वजह तकनीकी है।
ज्यादातर आधुनिक ईवी में एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) होता है, जो 80 प्रतिशत चार्ज के बाद चार्जिंग स्पीड को धीरे-धीरे कम कर देता है। ऐसा बैटरी को सुरक्षित रखने और ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए किया जाता है।
यही कारण है कि 80 प्रतिशत के बाद चार्जिंग में ज्यादा समय लगता है और बैटरी पर तनाव भी बढ़ता है।
क्या EV बैटरी मोबाइल फोन जैसी जल्दी खराब होती है?
यह एक आम गलतफहमी है। ईवी बैटरियों की तुलना स्मार्टफोन बैटरियों से करना सही नहीं है। ईवी बैटरी पैक बड़े, मजबूत और बेहतर थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम के साथ आते हैं।
इसी वजह से ज्यादातर ईवी कंपनियां 8 साल या 1.6 लाख किलोमीटर तक की बैटरी वारंटी देती हैं। इसका मतलब है कि सामान्य इस्तेमाल में ईवी बैटरी कई वर्षों तक बिना किसी बड़ी गिरावट के काम करती रहती है।
रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सबसे सही तरीका
हर ईवी में बैटरी की केमिस्ट्री और चार्जिंग जरूरतें थोड़ी अलग हो सकती हैं। इसलिए सबसे पहले अपने वाहन के मैन्युफैक्चरर गाइडलाइन को समझना जरूरी है।
हालांकि, दैनिक ड्राइविंग के लिए 80-20 नियम एक व्यावहारिक और सुरक्षित तरीका है। इससे बैटरी की सेहत बनी रहती है और आपको बार-बार चार्जिंग या अचानक बैटरी खत्म होने की चिंता नहीं करनी पड़ती।
80-20 नियम कोई सख्त कानून नहीं, बल्कि ईवी बैटरी को लंबे समय तक बेहतर हालत में रखने का एक स्मार्ट तरीका है। कभी-कभार 100 प्रतिशत चार्ज करना या बैटरी को कम लेवल तक ले जाना नुकसानदेह नहीं होता। लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में 20 प्रतिशत से 80 प्रतिशत की सीमा अपनाना ईवी मालिकों के लिए सबसे संतुलित विकल्प माना जाता है।