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Pre-Owned Car: सेकंड हैंड कार खरीदने के बाद वाहन का स्वामित्व कैसे ट्रांसफर करें, जानें पूरी डिटेल्स
Mon, 19 Aug 2024 08:43 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 19 Aug 2024 08:43 PM IST
सार
जब आप किसी अन्य व्यक्ति से कार या बाइक खरीदते हैं तो उसका ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) करना जरूरी होता है। यहां हम आपको यह जरूरी जानकारी दे रहे हैं जिससे वाहन स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान बन जाएगी।
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Used Cars
- फोटो : Freepik
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विस्तार
जब आप किसी अन्य व्यक्ति से कार या बाइक खरीदते हैं तो उसका ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) करना जरूरी होता है। यह प्रक्रिया स्थानीय मोटर वाहन कानूनों द्वारा नियंत्रित होती है और कभी-कभी जटिल लग सकती है। इसलिए, यहां हम आपको यह जरूरी जानकारी दे रहे हैं जिससे वाहन स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान बन जाएगी।
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सबसे पहले, यूज्ड व्हीकल (सेकंड हैंड वाहन) खरीदने के बाद, आपके पास उसके स्वामित्व को हस्तांतरित करने के लिए 30 दिन का समय होता है। इस प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेजों में वैध बीमा की कॉपी, मूल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), पता का प्रमाण जैसे मतदाता आईडी, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी), भरा हुआ फॉर्म नंबर 29, एनसीआरबी से अपराध रिपोर्ट और भरा हुआ फॉर्म नंबर 30 शामिल हैं। इन दस्तावेजों को इकट्ठा करने के बाद, आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा।
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नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) हासिल करें
यह सिर्फ तभी जरूरी है जब वाहन आपके स्थानीय क्षेत्र के बाहर किसी आरटीओ में पंजीकृत हो। एनओसी हासिल करने के लिए, फॉर्म 28 भरें और इसे वाहन के मूल आरटीओ में जमा करें। यदि वाहन दिल्ली के बाहर पंजीकृत था, तो उस आरटीओ में फॉर्म 29 भी जमा करें।
यह सिर्फ तभी जरूरी है जब वाहन आपके स्थानीय क्षेत्र के बाहर किसी आरटीओ में पंजीकृत हो। एनओसी हासिल करने के लिए, फॉर्म 28 भरें और इसे वाहन के मूल आरटीओ में जमा करें। यदि वाहन दिल्ली के बाहर पंजीकृत था, तो उस आरटीओ में फॉर्म 29 भी जमा करें।
आवश्यक दस्तावेजों के साथ स्थानीय आरटीओ पर जाएं
इनमें मूल आरसी, जीआईआर की कॉपी, फॉर्म 29, फॉर्म 30, फॉर्म 35 (अगर वाहन गिरवी रखा गया है), फॉर्म 60 या फॉर्म 61 (सिर्फ कारों के लिए), एनओसी, पता का प्रमाण, पीयूसी सर्टिफिकेट, मालिक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नए मालिक की पासपोर्ट साइज की फोटो और पैन कार्ड शामिल हैं। कंपनी से व्यक्तिगत हस्तांतरण के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।
इनमें मूल आरसी, जीआईआर की कॉपी, फॉर्म 29, फॉर्म 30, फॉर्म 35 (अगर वाहन गिरवी रखा गया है), फॉर्म 60 या फॉर्म 61 (सिर्फ कारों के लिए), एनओसी, पता का प्रमाण, पीयूसी सर्टिफिकेट, मालिक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नए मालिक की पासपोर्ट साइज की फोटो और पैन कार्ड शामिल हैं। कंपनी से व्यक्तिगत हस्तांतरण के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।
सभी दस्तावेज जमा करें
आरसी ट्रांसफर के लिए निर्धारित शुल्क के साथ सभी दस्तावेज जमा करें। इस प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 30 दिन लगते हैं, और आप ऑनलाइन ट्रांसफर की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
आरसी ट्रांसफर के लिए निर्धारित शुल्क के साथ सभी दस्तावेज जमा करें। इस प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 30 दिन लगते हैं, और आप ऑनलाइन ट्रांसफर की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
वाहन का री-रजिस्ट्रेशन
अगर वाहन मूल रूप से आपके राज्य के बाहर पंजीकृत था, तो आपको इसे अपने स्थानीय आरटीओ में फिर से पंजीकृत कराना होगा। मूल आरसी, फॉर्म 20, फॉर्म 27, फॉर्म 33, फॉर्म 60 या फॉर्म 61, एनओसी, पता का प्रमाण, पीयूसी सर्टिफिकेट, मालिक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नए मालिक की पासपोर्ट साइज की फोटो और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज जमा करें।
अगर वाहन मूल रूप से आपके राज्य के बाहर पंजीकृत था, तो आपको इसे अपने स्थानीय आरटीओ में फिर से पंजीकृत कराना होगा। मूल आरसी, फॉर्म 20, फॉर्म 27, फॉर्म 33, फॉर्म 60 या फॉर्म 61, एनओसी, पता का प्रमाण, पीयूसी सर्टिफिकेट, मालिक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नए मालिक की पासपोर्ट साइज की फोटो और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज जमा करें।
रोड टैक्स का भुगतान करें
अगर वाहन दिल्ली के बाहर पंजीकृत था तो रोड टैक्स का भुगतान करें। राशि वाहन की मूल इनवॉइस कीमत पर आधारित होती है। आप कार की कीमत और उम्र के आधार पर पिछले मालिक द्वारा भुगतान किए गए मूल रोड टैक्स के रिफंड के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। टैक्स रिफंड के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करें।
अगर वाहन दिल्ली के बाहर पंजीकृत था तो रोड टैक्स का भुगतान करें। राशि वाहन की मूल इनवॉइस कीमत पर आधारित होती है। आप कार की कीमत और उम्र के आधार पर पिछले मालिक द्वारा भुगतान किए गए मूल रोड टैक्स के रिफंड के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। टैक्स रिफंड के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करें।