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Sea Gliders: महज तीन घंटे और मात्र 600 रुपये में कोलकाता से चेन्नई! जानें क्या है प्रोजेक्ट सी ग्लाइडर्स

Thu, 06 Mar 2025 09:47 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 06 Mar 2025 09:47 PM IST
सार

कोलकाता से चेन्नई तक की यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! आने वाले वक्त में यह सफर सिर्फ 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा और वो भी मात्र 600 रुपये में।

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Sea Gliders Kolkata To Chennai IIT Madras-backed startup aims for Waterway Project Transport in India
Sea Gliders - फोटो : X/@IndianTechGuide

विस्तार

कोलकाता से चेन्नई तक की यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! आने वाले वक्त में यह सफर सिर्फ 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा और वो भी मात्र 600 रुपये में। यह सपना जल्द ही हकीकत बन सकता है, क्योंकि भारत में पहली बार इलेक्ट्रिक-ऑपरेटेड सी ग्लाइडर्स लाने की तैयारी हो रही है।
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भारत में तेज और सस्ते सफर की नई पहल
दुनिया भर के देश तेजी से अपने ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बना रहे हैं ताकि लोगों को सस्ती और तेज यात्रा का विकल्प मिल सके। भारत भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है और सड़कों, रेलवे और अन्य परिवहन व्यवस्थाओं के अलावा जलमार्ग को भी विकसित करने पर जोर दे रहा है। इस नए कदम का मकसद सिर्फ तेज यात्रा ही नहीं, बल्कि आम लोगों को सस्ता और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना भी है।

इस संदर्भ में, कल्पना कीजिए कि आप मात्र 600 रुपये में कोलकाता और चेन्नई के बीच मात्र 3 घंटे की यात्रा कर सकें। इलेक्ट्रिक-ऑपरेटेड समुद्री ग्लाइडर्स के आने से यह सपना जल्द ही हकीकत में तब्दील हो सकेगा।
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IIT मद्रास की स्टार्टअप कंपनी कर रही है काम
इस प्रोजेक्ट पर आईआईटी मद्रास के इनक्यूबेशन सेल द्वारा समर्थित स्टार्टअप वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज काम कर रही है। कंपनी सी ग्लाइडर्स विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे भारत के जलमार्गों का पूरा फायदा उठाया जा सकेगा। 
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कैसे काम करेगा सी ग्लाइडर?
ये सी ग्लाइडर्स "विंग-इन-ग्राउंड (WIG)" तकनीक पर काम करेंगे, जो पानी की सतह से कुछ मीटर ऊपर उड़ते हैं। यह तकनीक इन्हें चार मीटर (करीब 13 फीट) की ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता देती है, जिससे ये न सिर्फ तेजी से सफर कर सकते हैं बल्कि ज्यादा ईंधन की खपत भी नहीं होती। 

आनंद महिंद्रा भी हुए इस टेक्नोलॉजी से प्रभावित
देश के जाने-माने उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी इस टेक्नोलॉजी में रुचि दिखाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "IIT मद्रास अब स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के मामले में सिलिकॉन वैली को टक्कर दे सकता है! लगभग हर हफ्ते किसी नई टेक्नोलॉजी वेंचर की खबर आती है। मुझे यह खासतौर पर पसंद आया क्योंकि यह हमारे विशाल जलमार्गों के इस्तेमाल की संभावना को बढ़ाता है और इसका डिजाइन भी शानदार है!"

500 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने की क्षमता
सी ग्लाइडर्स को 500 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से उड़ान भरने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। हालांकि, फिलहाल यह योजना शुरुआती चरण में है, लेकिन अगर सब कुछ सही रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में यह जल्द ही वास्तविकता बन सकता है।
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