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SBI: एसबीआई कॉरपोरेट्स को उत्सर्जन कटौती तकनीक लागू करने के लिए करेगा प्रोत्साहित
Thu, 28 Sep 2023 07:31 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 28 Sep 2023 07:31 PM IST
सार
देश का सबसे बड़ा ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक कॉरपोरेट्स को उत्सर्जन में कटौती करने वाली टेक्नोलॉजी को लागू करने और फाइनेंस के लिए बेहतर शर्तें हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। बैंक के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
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- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
देश का सबसे बड़ा ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक कॉरपोरेट्स को उत्सर्जन में कटौती करने वाली टेक्नोलॉजी को लागू करने और फाइनेंस के लिए बेहतर शर्तें हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। बैंक के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
एसबीआई के प्रबंध निदेशक (जोखिम, अनुपालन और तनावग्रस्त संपत्ति समाधान समूह) अश्विनी कुमार तिवारी ने कहा कि बैंक यह देखेगा कि वह इस संबंध में कॉरपोरेट्स की कैसे मदद कर सकता है, लेकिन फिलहाल उनसे नेट जीरो के लिए उनकी योजनाओं के बारे में नहीं पूछा गया है।
इस समय एसबीआई इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइन्ट्स (आधार अंकों) की छूट देता है। उन्होंने कहा कि बाद के चरण में, बेहतर ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और कॉर्पोरेट प्रशासन) स्कोर वाले कॉरपोरेट्स को इससे वित्त प्राप्त करने के लिए बेहतर शर्तें मिलेंगी।
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उन्होंने कोलकाता में सीआईआई द्वारा आयोजित बैंकिंग कॉन्क्लेव के मौके पर बातचीत के दौरान कहा, "हम अब कंपनियों से नेट जीरो प्लान नहीं मांगते हैं। आखिरकार, हम इस पर जाएंगे। हम कॉरपोरेट्स के साथ बातचीत शुरू करेंगे और वह प्रक्रिया शुरू होगी।"
'नेट जीरो' उत्सर्जन का मतलब उत्पादित ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन और वायुमंडल से बाहर निकाले गए जीएचजी उत्सर्जन के बीच एक ओवरऑल संतुलन हासिल करना है।
इससे पहले कॉन्क्लेव में बोलते हुए, तिवारी ने कहा कि बैंक अभी भी देश के लिए वित्त पोषण का एक प्रमुख स्रोत बने हुए हैं, हालांकि बैंकिंग उद्योग को इक्विटी बाजार और एनबीएफसी की बढ़ोतरी के साथ प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, "बैंकिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने की जरूरत है। एनबीएफसी के उलट, जो अंतिम छोर तक पहुंच सकते हैं, बैंकों की परिचालन लागत ज्यादा है।"
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एसबीआई के प्रबंध निदेशक (जोखिम, अनुपालन और तनावग्रस्त संपत्ति समाधान समूह) अश्विनी कुमार तिवारी ने कहा कि बैंक यह देखेगा कि वह इस संबंध में कॉरपोरेट्स की कैसे मदद कर सकता है, लेकिन फिलहाल उनसे नेट जीरो के लिए उनकी योजनाओं के बारे में नहीं पूछा गया है।
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इस समय एसबीआई इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइन्ट्स (आधार अंकों) की छूट देता है। उन्होंने कहा कि बाद के चरण में, बेहतर ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और कॉर्पोरेट प्रशासन) स्कोर वाले कॉरपोरेट्स को इससे वित्त प्राप्त करने के लिए बेहतर शर्तें मिलेंगी।
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उन्होंने कोलकाता में सीआईआई द्वारा आयोजित बैंकिंग कॉन्क्लेव के मौके पर बातचीत के दौरान कहा, "हम अब कंपनियों से नेट जीरो प्लान नहीं मांगते हैं। आखिरकार, हम इस पर जाएंगे। हम कॉरपोरेट्स के साथ बातचीत शुरू करेंगे और वह प्रक्रिया शुरू होगी।"
'नेट जीरो' उत्सर्जन का मतलब उत्पादित ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन और वायुमंडल से बाहर निकाले गए जीएचजी उत्सर्जन के बीच एक ओवरऑल संतुलन हासिल करना है।
इससे पहले कॉन्क्लेव में बोलते हुए, तिवारी ने कहा कि बैंक अभी भी देश के लिए वित्त पोषण का एक प्रमुख स्रोत बने हुए हैं, हालांकि बैंकिंग उद्योग को इक्विटी बाजार और एनबीएफसी की बढ़ोतरी के साथ प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, "बैंकिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने की जरूरत है। एनबीएफसी के उलट, जो अंतिम छोर तक पहुंच सकते हैं, बैंकों की परिचालन लागत ज्यादा है।"