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Ayodhya: अयोध्या में ट्रैफिक की भीड़ कम करने के लिए NHAI ने मांगी विशेष मंजूरी, 3500 करोड़ रुपये की है योजना
Sat, 27 Jan 2024 03:23 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 27 Jan 2024 03:23 PM IST
सार
अयोध्या और आसपास के इलाकों में बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सक्रिय हो गया है। मंत्रालय ने केंद्र से 3,570 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 68 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास बनाने की विशेष मंजूरी मांगी है।
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ट्रैफिक जाम
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
अयोध्या और आसपास के इलाकों में बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सक्रिय हो गया है। मंत्रालय ने केंद्र से 3,570 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 68 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास बनाने की विशेष मंजूरी मांगी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस 4/6 लेन के हाईवे के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। यह हाईवे लखनऊ, बस्ती और गोंडा जिलों को कवर करेगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह परियोजना दो भागों में - उत्तर अयोध्या और दक्षिण अयोध्या बाईपास होगी। यह योजना राम मंदिर के उद्घाटन के बाद क्षेत्र में यात्री और मालवाहक वाहनों की आवाजाही में उच्च बढ़ोतरी की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। अनुमान के मुताबिक, 2033 में यातायात मौजूदा 89,023 प्रतिदिन से बढ़कर 2.17 लाख प्रतिदिन हो सकता है। बाईपास को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड पर बनाया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि विशेष मंजूरी इसलिए मांगी गई है क्योंकि वित्त मंत्रालय ने सड़क मंत्रालय को फिलहाल भारतमाला के तहत कोई नई परियोजना शुरू नहीं करने को कहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि परियोजना की लागत 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसलिए मंत्रालय को पीपीपी परियोजनाओं का मूल्यांकन करने वाली शीर्ष समिति से अनुमोदन हासिल करने की जरूरत है। NHAI ढाई साल में निर्माण कार्य पूरा करना चाहता है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह परियोजना दो भागों में - उत्तर अयोध्या और दक्षिण अयोध्या बाईपास होगी। यह योजना राम मंदिर के उद्घाटन के बाद क्षेत्र में यात्री और मालवाहक वाहनों की आवाजाही में उच्च बढ़ोतरी की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। अनुमान के मुताबिक, 2033 में यातायात मौजूदा 89,023 प्रतिदिन से बढ़कर 2.17 लाख प्रतिदिन हो सकता है। बाईपास को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड पर बनाया जाएगा।
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सूत्रों ने बताया कि विशेष मंजूरी इसलिए मांगी गई है क्योंकि वित्त मंत्रालय ने सड़क मंत्रालय को फिलहाल भारतमाला के तहत कोई नई परियोजना शुरू नहीं करने को कहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि परियोजना की लागत 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसलिए मंत्रालय को पीपीपी परियोजनाओं का मूल्यांकन करने वाली शीर्ष समिति से अनुमोदन हासिल करने की जरूरत है। NHAI ढाई साल में निर्माण कार्य पूरा करना चाहता है।
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