फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Rare Earth Materials Crisis PMO Seeks to Resolve Magnet Shortage Know Details

Rare Earths: ऑटोमोबाइल सेक्टर की बढ़ती चिंता, मैगनेट की कमी दूर करने के लिए पीएमओ कराएगा अहम बैठक

Fri, 18 Jul 2025 06:20 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 18 Jul 2025 06:20 PM IST
सार

रेयर अर्थ मैगनेट की भारी कमी को लेकर भारत में संकट गहराता जा रहा है। इस गंभीर संकट को हल करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) विभिन्न विभागों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहा है।

विज्ञापन
Rare Earth Materials Crisis PMO Seeks to Resolve Magnet Shortage Know Details
Car Plant - फोटो : Freepik

विस्तार

रेयर अर्थ मैगनेट की भारी कमी को लेकर भारत में संकट गहराता जा रहा है। खासकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में इसकी वजह से कई कंपनियां सरकार से दीर्घकालिक समाधान की मांग कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस गंभीर संकट को हल करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) विभिन्न विभागों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद रेयर अर्थ मैगनेट की कमी से पैदा हुई दिक्कतों का समाधान निकालना है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Ethanol Blending: पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य अब 27 प्रतिशत करने की तैयारी, नाम होगा E27
विज्ञापन

क्यों जरूरी हैं रेयर अर्थ मैगनेट
रेयर अर्थ मैगनेट वाहन उद्योग (ऑटो इंडस्ट्री) के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि ये इलेक्ट्रिक मोटर, सेंसर, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन किट्स और पावर स्टीयरिंग सिस्टम जैसे अहम पार्ट्स में इस्तेमाल होते हैं। इससे न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों बल्कि हाइब्रिड और पेट्रोल-डीजल वाहनों का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। 



PMO की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में भारी उद्योग विभाग, वाणिज्य मंत्रालय और खान मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग शामिल होंगे। साथ ही बैठक में हाल ही में प्रस्तावित 1,345 करोड़ रुपये की रेयर अर्थ मैगनेट प्रोडक्शन इनसेंटिव स्कीम पर भी चर्चा की जाएगी।

यह भी पढ़ें - Robotaxi: रोबोटैक्सी प्रोजेक्ट में उबर की फिर से दिलचस्पी, ल्यूसिड में करीब 25 अरब रुपये का करेगा निवेश

क्या है रेयर अर्थ इनसेंटिव स्कीम
सरकार ने घरेलू स्तर पर रेयर अर्थ मैगनेट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में 1,345 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन पर भारत की निर्भरता को कम करना है। क्योंकि इस क्षेत्र में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी चीन के पास है। यह योजना सार्वजनिक और निजी दोनों सेक्टर की कंपनियों को उत्पादन और सप्लाई चेन में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: सरकार ला रही है नया फ्यूल एफिशिएंसी नियम CAFE 3, जानें इसका क्या होगा असर
विज्ञापन

योजना का मसौदा तैयार
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव कमरान रिजवी ने बताया कि रेयर अर्थ मैगनेट इनसेंटिव स्कीम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। और अन्य संबंधित विभागों से राय मशविरा के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें - AI: एनएचएआई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से बचाए ₹25,680 करोड़ और निपटाए 155 पुराने विवाद

भारत में रेयर अर्थ की स्थिति
माना जाता है कि भारत में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रेयर अर्थ भंडार है। लेकिन दिक्कत यह है कि भारत में इस क्षेत्र में इंडिया रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) का एकाधिकार है। जिसके पास बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की तकनीक और ढांचा नहीं है।

निजी कंपनियों की दिलचस्पी
रेयर अर्थ इनसेंटिव स्कीम के एलान के बाद, ऑटो पार्ट्स सप्लायर और कंपोनेंट निर्माताओं ने भारत में उत्पादन यूनिट लगाने में रुचि दिखाई है। इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत रेयर अर्थ मैगनेट के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा। 

यह भी पढ़ें - Kawasaki Recall: कावासाकी निंजा ZX-6R को वैश्विक स्तर पर वापस मंगाया गया, जानें आई क्या समस्या
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed